- CM ममता बनर्जी ने बंगाली नववर्ष पर वोट के अधिकार पर हमला करार देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए
- ममता बनर्जी ने संकीर्णता की दीवारें तोड़ने और राज्य की शांति तथा सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाली नववर्ष पर पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और समृद्धि की कामना की
पश्चिम बंगाल में पॉयला बैसाख यानी बंगाली नववर्ष के मौके पर जहां एक ओर शुभकामनाओं का दौर चला, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नववर्ष की बधाई देते हुए एक बार फिर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मुद्दे पर बीजेपी को निशाने पर लिया और इसे सीधे तौर पर “वोट के अधिकार पर हमला” करार दिया.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' पर वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों को ‘शुभो नबोबोर्षो' की बधाई दी, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने गंभीर आरोप भी लगाए.
ममता बनर्जी ने कहा, “कुछ अशुभ शक्तियां बंगाल को कलंकित करने में लगी हैं. दिल्ली के जमींदार लोगों का वोट का अधिकार छीन रहे हैं. याद रखिए, इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना होगा.”
"আঁধার ঘুচিয়ে দাও নতুন ভোরে,
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) April 15, 2026
নতুন বছর এসো মিষ্টি করে।।"
সকলকে জানাই শুভ নববর্ষের অনেক অনেক শুভেচ্ছা ও অভিনন্দন।
এই উপলক্ষে আপনাদের সবার সঙ্গে আমার লেখা ও সুর করা এবং শ্রীরাধা বন্দ্যোপাধ্যায়ের গাওয়া একটি গান শেয়ার করে নিচ্ছি। pic.twitter.com/6qWSbQad2r
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस नए साल के अवसर पर सभी मिलकर संकीर्णता की दीवारें तोड़ें और राज्य की पारंपरिक शांति, सौहार्द और सामाजिक एकता को बनाए रखें. उनका संदेश साफ था- विभाजनकारी और तानाशाही ताकतों को लोकतंत्र के जरिए जवाब देना होगा.
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इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बंगाली नववर्ष के मौके पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं.
उन्होंने अपने संदेश में पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भारतीय सभ्यता में उसके योगदान का जिक्र करते हुए कामना की कि नया साल सभी के लिए खुशहाली और समृद्धि लेकर आए.
Shubho Noboborsho! Best wishes on Poila Boishakh. pic.twitter.com/cENMmd2J2L
— Narendra Modi (@narendramodi) April 15, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बंगाल की समृद्ध संस्कृति, साहित्य और वीर क्रांतिकारियों की परंपरा नए साल में विकास और सुशासन का नया अध्याय लिखे.
Heartfelt best wishes to our sisters and brothers of West Bengal on the occasion of Poila Boishakh.
— Amit Shah (@AmitShah) April 15, 2026
May West Bengal, a land endowed with a rich cultural heritage and literary excellence, and blessed with the sacred history of revolutionaries of the freedom struggle, enter a new… pic.twitter.com/zytiYtR4Oo
उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी नववर्ष पर शुभकामनाएं दीं.
हालांकि, इन शुभकामनाओं के बीच असली राजनीतिक गर्मी SIR विवाद को लेकर ही बनी हुई है. विधानसभा चुनाव 2026 में अब कुछ ही समय बाकी है और इसी के साथ सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है.
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार जिलों का दौरा कर रैलियां और रोड शो कर रही हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगाल में चुनावी सभाएं कर चुके हैं.
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लाखों नाम हटाए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमलावर है. पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से लोगों के वोटिंग अधिकार को प्रभावित करने के लिए की गई है.
वहीं बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे मतदाता सूची को “शुद्ध और पारदर्शी” बनाने की प्रक्रिया बता रही है.
स्पष्ट है कि इस बार बंगाल चुनाव में SIR केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि यह सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरा है. नववर्ष के मौके पर भी जिस तरह से यह मुद्दा छाया रहा, उससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में यही विवाद चुनावी बहस का केंद्र रहेगा.
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