विज्ञापन

सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई समर्थन, लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल

गुरुवार से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिल पर वोटिंग हो रही है. इससे पहले इन तीन बिलों पर लंबी बहस हुई. जिसमें सभी पार्टियों के सदस्यों ने अपनी-अपनी बातें रखी.

सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई समर्थन, लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल
महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर लोकसभा में वोटिंग.
  • लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिलों पर विशेष सत्र के दौरान बहस के बाद वोटिंग शुरू हो गई है.
  • संविधान के 131वें संशोधन विधेयक में लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर कुल ८५० करने का प्रस्ताव रखा गया है.
  • परिसीमन संशोधन विधेयक में जनसंख्या की परिभाषा बदलकर २०११ की जनगणना को आधार बनाने का प्रावधान है.
नई दिल्ली:

महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर सरकार को लोकसभा में हार झेलनी पड़ी है.संविधान संशोधन होने के कारण इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. बिल के पक्ष के 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े. इस बिल के लिए कुल 528 सांसदों ने वोट डाले, जिसका दो-तिहाई 352 होता है. लेकिन इस बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े, ऐसे में यह बिल  54 वोट से गिर गया. वोटिंग के बाद स्पीकर ओम बिरला ने इस बात की जानकारी दी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका, क्योंकि सदन में मतदान के दौरान इसे दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हुआ."

गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के पहले दिन इन तीन बिल पर देर रात तक बहस चली, आज शुक्रवार को भी कई घंटे की बहस हुई. अब इस पर लोकसभा में वोटिंग शुरू हुई है. चर्चा के बाद लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश किया गया है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल यह बिल सदन में पेश किया. फिलहाल इस पर वोटिंग हो रही है. बताया गया कि बिल पर 21 घंटे चर्चा हुई. कुल 130 सांसदों ने अपने विचार रखें इनमें 56 महिला सांसद थीं.

संसद में इन तीन विधेयकों पर होनी थी वोटिंगः

  1. संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, 2026: लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेशों से 35 सीटें हो सकती है.

    (वोटिंग का नतीजाः संविधान (131वां संशोधन) संशोधन बिल के लिए लोकसभा में कुल 528 वोट पड़े. बिल के पक्ष में 298 वोट, जबकि बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े. बिल पास होने के लिए 326 वोटों की जरूरत थी, ऐसे में यह बिल पास नहीं हो सका.)
     
  2. परिसीमन संशोधन विधेयक, 2026: परिसीमन के लिए जनसंख्या की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा. ताकि 2011 की जनगणना को आधारा बनाया जाए. 
  3. केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन करता है. ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण बिल लागू हो सकें.

अमित शाह ने राहुल गांधी की भाषा की आलोचना की

इससे पहले बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं नेता प्रतिपक्ष का भाषण सुन रहा था, यह भाषा सदन की मर्यादा के विपरीत है... अपशब्दों का प्रयोग होता है, असंसदीय शब्दों की भरमार लग जाती है... यह नेता प्रतिपक्ष का किस तरह का बर्ताव है, क्या भाषा है? क्या उन्हें लगता है कि देश उनकी यह भाषा नहीं सुन रहा? वे संविधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं... वे सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं... सदन में बोलने की कला आपके यहां बहुत वरिष्ठ लोग हैं उनसे सीखें, या प्रियंका गांधी से सीख लें."

राहुल गांधी बोले- इसका महिला सशक्तिकरण से कुछ लेना नहीं, चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश

वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बहस में कहा, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है. यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कुछ लेनादेना नहीं है. 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था.'' उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है.''

यह भी पढ़ें - महिला आरक्षण बिल पर संसद में हुई बहस और वोटिंग के पल-पल के अपडेट्स

लेखक के बारे में
img
प्रभांशु रंजन
Chief Sub Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Women Reservation, Women Reservation Bill, Women Reservation Bill In Lok Sabha, Voting On Women Reservation Bill
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com