एक्टर और कॉमेडियन वीर दास ने 50 हजार रुपये की Apple Watch ऑनलाइन खरीदी थी, लेकिन जो घड़ी उन्हें मिली, वह नकली निकली. वीर दास ने अपने इस एक्सपीरियंस को सोशल मीडिया पर शेयर किया. उन्होंने दावा किया कि 50 हजार रुपये की पेमेंट करने के बावजूद उन्हें नकली Apple Watch मिली.
वीर दास ने सोमवार को X पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने खरीदी गई घड़ी दिखाई. उन्होंने बताया कि डिलीवर किया गया प्रोडक्ट असली Apple Watch जैसा बिल्कुल नहीं लग रहा था, बल्कि वह चीन का सस्ता माल जैसा लग रहा था.
वीर दास को मिला चीन का माल?
उन्होंने इस घड़ी को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto से खरीदा था. उन्होंने लिखा, 'क्या मैं गलत हूं. क्या सभी Apple Watch ऐसी ही दिखती हैं या Zepto चीन की नकली घड़ियां बेचकर गड़बड़ी कर रहा है? वैसे, फोन पर उनके कस्टमर सर्विस एजेंट ने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते. पूरा स्कैम है. हमें एक शूट के लिए जल्दी से इसकी जरूरत थी. उन्होंने हमसे 50 हजार रुपये लिए.'
Okay. Am I wrong, do all apple watches look like this or is @ZeptoNow @zeptocares being shady with china copies? By the way their customer device agent on the phone said there's nothing they could do. Full scam. We needed one quick for a shoot. They charged us 50k. pic.twitter.com/2YiOx4qMYB
— Vir Das (@thevirdas) June 15, 2026
फिर क्या हुआ?
वीर दास का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. कई यूजर्स ने इस पर चिंता जताई और सवाल उठाई कि डिलीवरी प्रोसेस में ऐसी गलती कैसे हो सकती है.
उनके वीडियो पर Zepto ने बयान जारी किया और परेशानी के लिए माफी मांगी. Zepto ने वीर दास से कॉन्टैक्ट किया और उन्हें असली Apple Watch डिलीवर की.
Update. @ZeptoNow has been in touch post social media, and a real apple watch has been delivered. China maal sent back. I don't know why this is on the news 🤷♂️ but since it is...want to clarify what I told the zepto exec. Not the drivers fault. pic.twitter.com/nCnOkNJVfj
— Vir Das (@thevirdas) June 15, 2026
वीर दास ने बाद में एक और पोस्ट करते हुए बताया कि 'Zepto ने सोशल मीडिया पर संपर्क किया और असली Apple Watch डिलीवर कर दी गई है. चीन का माल वापस भेज दिया गया है.'
वीर दास ने बताया कि उन्होंने Zepto एग्जीक्यूटिव से कह दिया था कि इसमें डिलीवरी करने वाले ड्राइवर की कोई गलती नहीं है.
आपके साथ भी ऐसा हो तो क्या करें?
आज के समय में ऑनलाइन खरीदारी काफी बढ़ गई है. ऑनलाइन खरीदारी करते समय अक्सर कई बार स्कैम या धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं. ऑर्डर कुछ और करते हैं, लेकिन मिलता कुछ और है.
अगर आप भी कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं तो सामान डिलीवर होने पर अनबॉक्सिंग का वीडियो जरूर बना लें. इनवॉइस, ऑर्डर आईडी और ट्रांजैक्शन आईडी अपने पास सेव रखें.
नकली सामान आने पर तुरंत ऐप या कंपनी की वेबसाइट पर जाकर Return/Replace कर दें. कस्टमर केयर से बात करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं. अगर बात न बने तो सोशल मीडिया पर अपनी खरीदारी से जुड़ी हर डिटेल डाल सकते हैं. जैसा कि वीर दास ने किया.
इसके अलावा, कई कानूनी तरीके भी हैं. अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स 2020 लागू होते हैं. नियम के तहत प्लेटफॉर्म को 48 घंटे के अंदर शिकायत को सुनना होगा और 30 दिन के भीतर जवाब देना होगा.

अगर बात नहीं बनी तो? फिर...
अगर फिर भी कोई बात नहीं बनती है तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन से मदद ले सकते हैं. इसमें कोई कानूनी खर्च भी नहीं आता.
आप इनके जरिए शिकायत कर सकते हैं:-
वेबसाइट: consumerhelpline.gov.in
फोन नंबर: 1800-11-4000 या 1915
इसके अलावा, अगर कोई ब्रांड या प्लेटफॉर्म रिफंड देने से मना कर दे तो कंज्यूमर कोर्ट में केस दाखिल कर सकते हैं. यहां रिफंड के साथ-साथ हर्जाना भी मांग सकते हैं. ऐसे मामलों में कानून खरीदार के साथ ही होता है.
इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं. 2022 में गुरदासपुर के अरमान बख्शी नाम के शख्स ने फ्लिपकार्ट से एक 3,149 रुपये का लैपटॉप बैग खरीदा था. लेकिन जब सामान डिलीवर हुआ तो बॉक्स खाली था. बाद में अरमान बख्शी ने कंज्यूमर कोर्ट में केस दाखिल किया. नवंबर 2023 में कोर्ट ने 3,149 रुपये रिफंड करने के साथ-साथ 50 हजार रुपये का मुआवजा और 20 हजार रुपये कानूनी खर्च देने का आदेश दिया था.
कुल मिलाकर, अगर ऑनलाइन खरीदते समय कोई नकली प्रोडक्ट मिल गया तो उसके सारे सबूत अपने पास रखिए, शिकायत कीजिए और अगर बात न बने तो कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाइए.
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