तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया है. इस बीच विजय को टीवीके विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. सभी नए विधायकों के दस्तखत लिए जा रहे हैं. अब तक 90 विधायकों ने इस पर दस्तखत कर दिए हैं.
तमिलनाडु में इस बार टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. टीवीके ने राज्य की 234 में से 107 सीटें जीती हैं. हालांकि, बहुमत से अभी भी 11 सीटें कम हैं. वहीं, डीएमके को 59 सीटें मिली हैं. जबकि, AIADMK ने 47 सीटों पर जीत हासिल की है.
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बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत नहीं
टीवीके भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसके पास जरूरी सीटें नहीं हैं. ऐसे में विजय के पास अब दो रास्ते हैं. पहला- गठबंधन सरकार बनाना. या फिर दूसरा- कुछ पार्टियों के बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बनाने की कोशिश करना.
अब इस बात की पूरी संभावना है कि तमिलनाडु में एक बार फिर गठबंधन की ही सरकार बनेगी. इससे विजय की ही स्थिति मजबूत होगी. अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने कई साफ तौर पर कहा था कि वह सत्ता में हिस्सेदारी देने के लिए तैयार हैं.
अपनी सरकार बनाने के लिए विजय को छोटी पार्टियों को अपने साथ लाना होगा. तमिलनाडु में वीसीके के 2, लेफ्ट के 4, कांग्रेस के 5 और IUML के 2 विधायक हैं. PMK के पास भी 4 विधायक हैं और वह गठबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है.
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स्टालिन ने दिया इस्तीफा
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की हार के बाद उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अपना इस्तीफा सौंपा.
इस चुनाव में विजय की नई नवेली पार्टी टीवीके की ऐसी आंधी चली कि खुद स्टालिन भी अपनी सीट गंवा बैठे. स्टालिन को कोलाथुर सीट से टीवीके के वीएस बाबू ने हरा दिया.
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