- संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है
- कुल 958 उम्मीदवारों ने UPSC 2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है जिसमें राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री टॉपर हैं.
- बिहार के मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला, पटना के उज्ज्वल प्रियांक, औरंगबाद की मोनिका टॉप 20 में शामिल हैं.
UPSC Result 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE 2025) का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया. रिजल्ट UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जारी की गई है. UPSC CSE 2026 की परीक्षा में कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ऑल इंडिया टॉपर बने हैं. टॉप 10 में बिहार से दो कैंडिडेट शामिल है. रैंक-4 पर मुजफ्फरपुर के राघव झुनझनवाला तो रैंक 10 पर पटना के उज्ज्वल प्रियांक हैं. इसके अलावा औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने 16वां रैंक हासिल किया है.
औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने यूपीएससी की परीक्षा में पूरे भारत देश में 16वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और जिले का नाम गौरवान्वित किया है. मोनिका की अब तक की जर्नी बेहद प्रेरक है. मोनिका ने हर परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़े है.

मोनिका के पिता जिला परिषद औरंगाबाद में सहायक इंजीनियर
मोनिका श्रीवास्तव औरंगाबाद जिला मुख्यालय के सत्येन्द्र नगर निवासी इंजीनियर बी. के. श्रीवास्तव एवं भारती श्रीवास्तव की बेटी हैं. मोनिका के पिता बी. के. श्रीवास्तव वर्तमान में जिला परिषद औरंगाबाद में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल औरंगाबाद से हुई. वह पहले IIT की प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर बनी थी.
2022 में BPSC में मोनिका ने प्राप्त किया था छठां स्थान
वर्ष 2022 में BPSC में छठां स्थान लाकर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश, उसके बाद वर्ष 2024 में UPSC परीक्षा में पहली बार में ही सफलता प्राप्त कर 455 रैंक लाई थी. वर्तमान में वह भारतीय रेलवे सेवा के अंतर्गत अंडर ट्रेनिंग अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. अब दूसरी बार UPSC में शानदार प्रदर्शन करते हुए लंबी छलांग लगाकर ऑल इंडिया 16वां रैंक हासिल कर उन्होंने जिले ही नहीं, पूरे बिहार का नाम देशभर में रोशन कर दिया है.

पिता बोले- बेटी बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी
मोनिका के पिता इंजीनियर बी. के. श्रीवास्तव ने बताया कि मेरी सबसे छोटी पुत्री मोनिका बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी रही हैं. पढ़ाई के प्रति उसकी लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में भी राज्य स्तर पर बेहतर स्थान प्राप्त किया था. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.
IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने कई प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया, लेकिन उनके मन में समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना हमेशा जीवित रहा. इसी सपने ने उन्हें कॉपोरेट करियर छोड़कर प्रशासनिक सेवा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
मोनिका ने माता-पिता और परिवार को दिया सफलता का श्रेय
मोनिका अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के समर्थन को देती है. वे कहती हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और शिक्षा के महत्व को समझाया. उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी एक अधिकारी बने और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए काम करे. यही सपना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया.
जिले में गर्व का माहौल, लोग परिजनों को दे रहे बधाई
मोनिका श्रीवास्तव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से औरंगाबाद जिले में खुशी और गर्व का माहौल है. जिले के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. आज मोनिका की सफलता की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं.
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(औरंगाबाद से आदित्य कुमार की रिपोर्ट)
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