- धुरंधर-द रिवेंज फिल्म में अतीक अहमद के पाकिस्तान और ISI से संबंधों को दिखाकर समाजवादी पार्टी नाराज हुई है
- पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह के मुताबिक अतीक ने पुलिस के सामने ISI और लश्कर-ए-तैयबा से अपने लिंक कबूल किए थे
- अतीक हथियार ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर प्राप्त करता था और इसके लिए रॉकी और डिंपी को सक्रिय रखा था
पिछले महीने सिनेमाघरों में रिलीज हुई धुरंधर-द रिवेंज का क्रेज अब भी बरकरार है. इसे पहले पार्ट(Dhurandhar) से भी ज्यादा प्यार और सपोर्ट मिल रहा है. फिल्म सुर्खियां बटोरने के साथ विपक्षी दलों के निशाने पर भी आई. खासकर सपा के पूर्व विधायक और माफिया अतीक अहमद को जिस तरह से पेश किया गया और उसका पाकिस्तान और ISI कनेक्शन दिखाया गया,उसने समाजवादी पार्टी को नाराज कर दिया. फिल्म में अतीक के इस लिंक पर यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने हर पिक्चर क्लियर कर दी. एनडीटीवी हिंदी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अतीक अहमद के पाक कनेक्शन, लश्कर से रिश्ते और मेड इन पाकिस्तान हथियारों से लगाव को लेकर हर खुलासे किए हैं.
अतीक ने खुद कबूल किया था ISI और लश्कर-ए-तैयबा से था लिंक
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह राठौर ने एनडीटीवी हिंदी से खास बातचीत में बताया कि अतीक अहमद ने शाहगंज थाने में पुलिस के सामने खुद यह कबूल किया था कि उसके संबंध न केवल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से हैं, बल्कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से भी रहे हैं. विक्रम सिंह ने धुरंधर-द रिवेंज फिल्म का जिक्र करते हुए बताया कि अतीक ने स्वीकार किया था कि उसे ड्रोन ड्रॉपिंग के माध्यम से पंजाब सीमा पर हथियार मिलते थे. इन हथियारों को लेने के लिए अतीक ने पंजाब के दो कुख्यात अपराधियों, रॉकी और डिंपी को लगा रखा था. पहले तो इन दोनों को स्लीपर सेल बताया गया पर यह साबित हो गया कि रॉकी और डिंपी अतीक और मुख्तार अंसारी के लिए 'एक्टिव सेल' के रूप में काम करते थे.

atiq ahmed character in dhurandhar 2
'मेड इन पाकिस्तान' कारतूस और हथियार
विक्रम सिंह ने अतीक की 'ठसक' (अहंकार) का जिक्र करते हुए इंटरव्यू में बताया कि अतीक के घर के पास ही कई बंदूक की दुकानें थीं, लेकिन वह जानबूझकर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बने कारतूस इस्तेमाल करता था. उसके पास से मेड इन पाकिस्तान लिखे हुए कारतूस बरामद हुए थे. विक्रम सिंह को पाक हथियारों का उपयोग करने में ज्यादा मजा आता था. विक्रम सिंह ने आगे कहा कि उसने राजू पाल और उमेश पाल की हत्या के लिए खास तौर पर AK-47 और 455 पिस्तौल(पोर्टेबल कैनन) जैसे घातक हथियार मंगवाए थे.

atiq ahmed dhurandhar 2
ISI से लिंक, नकली नोटों की सप्लाई
सिर्फ हथियार ही नहीं, विक्रम सिंह के अनुसार अतीक अहमद ISI के उस बड़े सिंडिकेट का हिस्सा था जिसका मकसद भारत में नकली नोट (FICN) और RDX की सप्लाई करना था. इसका उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को चकनाचूर करना था. इस पूरे नेटवर्क का विस्तार यूपी-नेपाल बॉर्डर (771 किमी) तक फैला हुआ था, जिसमें गाजीपुर से मुख्तार अंसारी और बिहार के अपराधी भी शामिल थे.पूर्व DGP का कहना है कि अतीक अहमद केवल एक स्थानीय बाहुबली नहीं था, बल्कि वह देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था क्योंकि उसके तार सीधे तौर पर भारत विरोधी विदेशी ताकतों से जुड़े थे.
यह भी पढ़ें- अतीक अहमद के नाम की ‘धुरंधर' चर्चा, मरकर भी कैसे जी गया यूपी का ये कुख्यात माफिया?
यह भी पढ़ें- अतीक अहमद की पैंट हो गई थी गीली-गिरफ्तार करने वाले इंस्पेक्टर की जुबानी-धुरंधर 2 की रील Vs रियल कहानी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं