UP Panchayat Election date: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर उठा सवाल अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव में देरी की संकेतों को लेकर याचिका दायर की गई. याचिका पर हाईकोर्ट ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने सवाल पूछा. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव कराया जाएगा. अकेले ग्राम प्रधान के ही 50 हजार से ज्यादा पदों पर चुनाव होता है और इसे यूपी में सबसे बड़ा चुनावी दंगल कहा जाता है.
यूपी पंचायत चुनाव कब होंगे
याचिकाकर्ता ने मांग थी कि सरकार और यूपी के राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले जरूरी चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया जाए.ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत ही नहीं जिला पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाए. अदालत ने इस पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि क्या वो 5 साल की संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न करा पाएगा. संविधान में उल्लेख है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से अगले 5 साल तक ही रहेगी, इसके आगे नहीं. जब भी किसी राज्य में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं तो वहां ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत से लेकर जिला पंचायतों तक प्रशासक जिम्मेदारी संभालते हैं.
यूपी पंचायत चुनाव में आखिर कहां है अड़चन
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए सबसे अड़चन आरक्षण को लेकर है. पंचायत चुनाव आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया जाता है. आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही पंचायत चुनाव की सीटों पर आरक्षण तय होता है. ओबीसी आयोग को सभी जिलों की समीक्षा के साथ आरक्षण पर सिफारिशें देने में 2-3 महीने का समय लगता है. हालांकि इससे पहले बने ओबीसी आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है. नए ओबीसी आयोग के गठन से सिफारिशों तक लंबा वक्त लग सकता है.
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पंचायत चुनाव में आरक्षण कैसे तय होगा
इस पर यूपी के राज्य चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947 के प्रावधानों के अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी है कि वो चुनाव आयोग की सलाह से ग्राम प्रधान चुनाव की तारीख तय अधिसूचना के तहत जारी करे. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग से पूछा है कि क्या 19 फरवरी को जो अधिसूचना चुनाव कराने की है, उसके अनुसार बताए कि पंचायत चुनाव 26 मई तक या उससे पहले ही पूरे हो जाएंगे या नहीं. अदालत ने इस मामले में 25 मार्च को आगे सुनवाई करने का फैसला किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस सिद्धार्थ नंदन और जस्टिस अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई की.
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