श्रीश्री रविशंकर मंगलवार को बरेली पहुंचे और दरगाह आला हजरत पर चादर चढ़ाई.
- श्रीश्री ने कहा देश के आम हिन्दू और मुसलमान शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं
- अगर पक्षकार बातचीत को राजी होंगे तो यह देश के लिए अच्छा होगा
- श्रीश्री ने दरगाह में मौजूद लोगों से मुलाकात भी की
बरेली:
इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा है कि श्रीश्री रविशंकर को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है. कोई उन्हें भाजपा की कठपुतली बता रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा कभी अयोध्या मसले को सुलझाना नहीं चाहती है. खां ने कहा है कि श्रीश्री रविशंकर की नीयत ठीक है और वह उनकी बातों और अंदेशों से पूरी तरह सहमत हैं.
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का आपसी बातचीत से हल निकालने की वकालत कर रहे आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर ने मंगलवार को दरगाह आला हजरत पर चादर चढ़ाई और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की.
यह भी पढ़ें : अयोध्या मसले पर श्रीश्री रविशंकर की इस टिप्पणी पर शुरू हो गया विवाद
रविशंकर निजी विमान से बरेली स्थित त्रिशूल एयरबेस पर उतरने के बाद दरगाह आला हजरत पहुंचे और चादर चढ़ाई. उन्होंने दरगाह में मौजूद लोगों से मुलाकात भी की. रविशंकर अलखनाथ मंदिर भी गए और वहां भगवान शंकर की पूजा अर्चना की. चादरपोशी के बाद रविशंकर ने आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की. माना जा रहा है कि रविशंकर अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर ही सुलझाने के प्रयासों की कड़ी में बरेली आए थे.
VIDEO : विवाद सुलझाने के लिए टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
मौलाना तौकीर रजा खां ने बताया कि रविशंकर ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि वह ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के विभिन्न पक्षकार आपस में बैठकर बातचीत करें और मसले का हल निकालें. उन्होंने कहा कि रविशंकर ने उनसे कहा है कि देश के आम हिन्दू और मुसलमान मामले का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं. अगर पक्षकार बातचीत को राजी होंगे तो यह देश के लिए अच्छा होगा. खां ने कहा कि रविशंकर को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है. कोई उन्हें भाजपा की कठपुतली बता रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा कभी इस मसले को सुलझाना नहीं चाहती है. उनके हिसाब से रविशंकर की नीयत ठीक है और वह उनकी बातों और अंदेशों से पूरी तरह सहमत हैं. भविष्य में वह उनकी इस मुहिम में मदद करेंगे.
(इनपुट भाषा से)
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का आपसी बातचीत से हल निकालने की वकालत कर रहे आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर ने मंगलवार को दरगाह आला हजरत पर चादर चढ़ाई और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की.
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रविशंकर निजी विमान से बरेली स्थित त्रिशूल एयरबेस पर उतरने के बाद दरगाह आला हजरत पहुंचे और चादर चढ़ाई. उन्होंने दरगाह में मौजूद लोगों से मुलाकात भी की. रविशंकर अलखनाथ मंदिर भी गए और वहां भगवान शंकर की पूजा अर्चना की. चादरपोशी के बाद रविशंकर ने आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात की. माना जा रहा है कि रविशंकर अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर ही सुलझाने के प्रयासों की कड़ी में बरेली आए थे.
VIDEO : विवाद सुलझाने के लिए टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
मौलाना तौकीर रजा खां ने बताया कि रविशंकर ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि वह ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के विभिन्न पक्षकार आपस में बैठकर बातचीत करें और मसले का हल निकालें. उन्होंने कहा कि रविशंकर ने उनसे कहा है कि देश के आम हिन्दू और मुसलमान मामले का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं. अगर पक्षकार बातचीत को राजी होंगे तो यह देश के लिए अच्छा होगा. खां ने कहा कि रविशंकर को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है. कोई उन्हें भाजपा की कठपुतली बता रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा कभी इस मसले को सुलझाना नहीं चाहती है. उनके हिसाब से रविशंकर की नीयत ठीक है और वह उनकी बातों और अंदेशों से पूरी तरह सहमत हैं. भविष्य में वह उनकी इस मुहिम में मदद करेंगे.
(इनपुट भाषा से)
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