उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटे बच्चों को मोबाइल फोन देने को अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि बच्चों में लिखने-पढ़ने की आदत डलवाइए. स्मार्टफोन पकड़ लेगा तो बच्चा जिद्दी हो जाएगा, डिप्रेशन का शिकार हो जाएगा. उन्होंने यह बात मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित गोरखपुर महोत्सव को संबोधित करते हुए कही. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोरखपुर में पहले मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक थे. लेकिन अब दोनों का सफाया हो चुका है.
छोटे बच्चों को मोबाइल देने से क्या होता है
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''मैं देखता हूं छोटे-छोटे बच्चों को लोग स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं. मत करिए ये, अपराध है ये. उसको लिखने पढ़ने की आदत डलवाइए. स्मार्टफोन पकड़ लेगा तो बच्चा जिद्दी हो जाएगा, डिप्रेशन का शिकार हो जाएगा.जब कभी यात्रा पर हों, बाइक चला रहे हों, वाहन चला रहे हों तो फोन साइलेंट करके रखें. सड़क दुर्घटनाएं भी हमारे लिए चैलेंज हैं, नौजवान बच्चे परिवार इसकी चपेट में आ जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अच्छी सड़के इसलिए हैं जिससे आप अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचे, ट्रैफिक का उल्लंघन के लिए अच्छी सड़कें नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कान में ईयरफोन लगाने की आवश्यता नहीं है.
-
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर? -
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर -
NDTV World Summit 2026 : 'जब तक समझौता हो ना जाए...' रूस-अमेरिका तेल डील पर क्या बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर? -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: 26/11 के जिक्र पर अमेरिका को जयशंकर का जबरदस्त जवाब -
'लोग ट्रैवल करते रहेंगे, दुनिया घूमना मुश्किल नहीं' - NDTV World Summit 2026 में बोले जुबिन करकारिया -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | Marco Rubio से मुंबई में मुलाकात पर घिरे S Jaishankar, विपक्ष को दिया जवाब -
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह
उन्होंने कहा कि यहां मिले सम्मान से जीवन के अलग अलग क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रेरणा मिलेगी. आज उत्तर प्रदेश और गोरखपुर विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है. देश आगे बढ़ रहा था, लेकिन गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट रहा था. 2017 से पहले और आज के गोरखपुर को देखेंगे तो जमीन आसमान का अंतर मिलता है. गोरखपुर 2017 के पहले असुरक्षित था, प्रदेश भर में उपद्रव था, वैसे ही गोरखपुर में भी था. गुंडागर्दी, गुंडा टैक्स, बिजली नहीं थी, गंदगी और बीमारी थी, गंदगी रहेगी तो मच्छर होंगे मच्छर होंगे तो बीमारी होगी, मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक थे.लेकिन अब दोनों का नाम मिट चुका है.
ये भी पढ़ें: खरमास के बाद किस खेल की तैयारी में तेज प्रताप? विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे, कहा- इंतजार कीजिए...
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं