सुप्रीम कोर्ट में आज उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर UGC द्वारा बनाए गए नए नियमों के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई. यूजीसी ने शीर्ष अदालत को बताया कि वो नए नियमों पर फिर से विचार कर रहा है. UGC ने कहा इसके लिए उसे और समय चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से इस बारे में विस्तृत हलफनामा मांगा है.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने यूजीसी से चार हफ्ते में इस बारे में हलफनामा मांगा है. कोर्ट ने कहा कि यूजीसी इस हलफनामे को पक्षकारों को भी दे. सुनवाई के दौरान यूजीसी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि UGC नए नियमों पर पुनर्विचार कर रहा है. इसके लिए कुछ और समय चाहिए.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगगत भेदभाव को रोकने के लिए UGC द्वारा बनाए गए नए नियम को दी गई चुनौती पर सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई मे सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नियम पर अंतरिम रोक लगाते हुए केन्द्र सरकार और UGC को नोटिस जारी किया था.
UGC के नियम के खिलाफ दाखिल याचिका में यूजीसी के उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी बनाए गए नियम, 2026 के एक प्रावधान को चुनौती दी गई है, इस नियम को जिसे 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था. याचिका में आरोप लगाया है कि इस नियम का 3(C) मनमाना और भेदभावपूर्ण है तथा इससे कुछ वर्गों को उच्च शिक्षा से बाहर किया जा सकता है. याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान संविधान में दिए गए समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. याचिका में यह भी कहा गया है कि यह नियम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के खिलाफ है और उच्च शिक्षा में समान अवसर देने के उद्देश्य को नुकसान पहुंचाता है.
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