- मुंबई पुलिस ने तीन शूटरों की पहचान और ट्रेन में लोकेशन की जानकारी राजस्थान पुलिस को सीसीटीवी के आधार पर दी
- कोटा पुलिस ने मात्र पंद्रह मिनट में पूरी ट्रेन की जांच कर आरोपियों को जनरल बोगी से पकड़ने में सफलता हासिल की
- रेलवे पुलिस ने कोटा स्टेशन के सभी एंट्री और एग्जिट गेटों पर नाकेबंदी कर आरोपियों के भागने के रास्ते बंद किए
सफलता के कई बाप होते हैं, असफलता का कोई नहीं होता. मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती की एक वॉट्सऐप ग्रुप पर यह टिप्पणी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग केस को सुलझाने में छिड़ी क्रेडिट वॉर को लेकर आई है. राजस्थान पुलिस की एसपी तेजस्विनी का कहना था कि हमारी पुलिस ने प्रोफेशनल है और अपना काम बखूबी करती है. हमने 15 मिनट में पूरी ट्रेन की जांच की और आरोपियों को पकड़ लिया. माना जा रहा है कि इसी को जवाब देते हुए देवेन भारती ने मुहावरे से जवाब दिया. ऐसे वक्त में जब टाइगर श्रॉफ पर हमला ही सवाल खड़े कर रहा है, तब उस मामले में एक्शन को लेकर क्रेडिट की जंग कितनी वाजिब है. यह भी एक सवाल है.
वारदात हुई मुंबई में लेकिन पकड़े गए कोटा में. कोटा पुलिस ने इन्हें पकड़ा. दरअसल मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस को पूरी डिटेल दी. सीसीटीवी से लिए हुए आरोपियों के चेहरे दिए. किस ट्रेन से जा रहे हैं ये बताया, किस बोगी में हैं ये बताया. उधर , राजस्थान पुलिस ने इस इनपुट पर बहुत तेजी से काम किया. सिर्फ 15 मिनट में पूरी ट्रेन की चेकिंग कर डाली. चूंकि आरोपी जनरल बोगी में थे, भीड़ के बीच थे, लिहाजा वो आसानी से भाग सकते थे. लेकिन पुलिस ने स्टेशन के सारे एंट्री और एग्जिट गेट पर नाकेबंदी की. इसमें रेलवे पुलिस का भी पूरा सहयोग पुलिस को मिला.
कोटा की एसपी तेजस्वनी ने क्या कहा
अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल होती है. वहां से जानकारी मिली लेकिन हमने साबित किया है कि राजस्थान की पुलिस एक प्रोफेशनल पुलिस है और अपना काम बखूबी करती है. हमारी टीम ने मात्र 15 मिनट में पूरी ट्रेन की जांच की और आरोपियों को पकड़ लिया. कोटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ऐसा संभव हो सका. इस तरह राजस्थान पुलिस की एसपी ने क्रेडिट लिए जाने की बात तो नहीं की, लेकिन संकेतों में राजस्थान पुलिस को ही क्रेडिट देती नजर आईं.
मुंबई पुलिस ने क्या कहा
राजस्थान पुलिस की ओर से क्रेडिट लिए जाने की कोशिश पर मुंबई पुलिस ने भी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन संकेतों में पूरी बात कह दी. मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने लिखा, 'सफलता के सौ बाप होते हैं, असफलता का कोई नहीं होता.' इस तरह मुंबई पुलिस का पक्ष सीधे कमिश्नर ने ही रख दिया.
अब बात करते हैं पूरे एक्शन की. मुंबई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की. सीसीटीवी फुटेज चेक करना, ट्रैकिंग करना और उसके समेत तमाम चीजों की पुलिस ने पड़ताल की थी. मुंबई पुलिस ने ही ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान को यह जानकारी दी थी कि तीनों आरोपी ट्रेन से आ रहे हैं. इसके बाद राजस्थान की पुलिस ने इन्हें पकड़ा. हां, यह बात भी सही है कि राजस्थान पुलिस ने मुंबई से आए इनपुट पर तुरंत काम किया और बिना किसी उपद्रव या गैर-जरूरी हलचल के कोटा में आरोपियों को धर दबोचा. हालांकि उसकी ओर से बाद में खुद को प्रोफेशनल पुलिस कहकर क्रेडिट लेने की कोशिश करना और फिर मुंबई पुलिस कमिश्नर की ओर से सफलता के सौ बाप वाली टिप्पणी करना थोड़ा गैर-जरूरी लगा.
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