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This Article is From Aug 26, 2022

हमें कुर्सी विरोधियों ने नहीं जनता ने दी, लोगों के लिए मेरा काम कभी नहीं रुकेगा : हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया

हमें कुर्सी विरोधियों ने नहीं जनता ने दी, लोगों के लिए मेरा काम कभी नहीं रुकेगा : हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेतरहाट में एक कार्यक्रम को संबोधित किया.
पटना:

झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने आज फिर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हमें चिंता नहीं है, हमें कुर्सी विरोधियों ने नहीं जनता ने दी है. जनता के लिए मेरा काम कभी नहीं रुकेगा. हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके यह बात कही. हेमंत सोरेन खनन पट्टे से जुड़े मामले में बीजेपी के निशाने पर हैं. सूत्रों के मुताबिक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग ने विधायक पद के अयोग्‍य ठहराया दिया है. सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने राज्यपाल से कहा है कि सोरेन को चुनावी मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए एक विधायक के रूप में "अयोग्य" होना चाहिए.

हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया- ''हमारे विरोधी राजनैतिक तौर पर हमसे मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं. लेकिन हमें इसकी चिंता नहीं है. हमें यह कुर्सी विरोधियों ने नहीं बल्कि जनता ने दी है. आज का कार्यक्रम मेरा पहले से तय था. यह कुछ कर लें. मेरी जनता के लिए मेरा काम कभी नहीं रुक सकता.'' सोरेन ने इस ट्वीट में उस कार्यक्रम के फोटो भी लगाए जिसमें वे शामिल हुए थे.  

सोरेन ने कहा कि, ''झारखंड के अंदर बाहरी ताकतों का गिरोह सक्रिय है. इस गिरोह ने विगत 20 वर्षों से राज्य को तहस-नहस करने का संकल्प लिया था. जब उन्हें 2019 में उखाड़ कर फेंका गया तो उन षड्यंत्रकारियों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि अगर हम यहां टिक गए तो उनका आने वाला समय मुश्किल भरा होने वाला है.''

कार्यक्रम की तस्वीरों के साथ एक अन्य ट्वीट में हेमंत सोरेन ने कहा कि, ''नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में बरसों से जो आंदोलन चला, कितने लोग शहीद हो गए, कितने लोग प्रताड़ित हुए, लाठी-डंडा खाए, उन सभी को आज मैं इस वीर भूमि से श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं. आज उन सभी की याद में 2 मिनट का मौन कर उपस्थित हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी.''

हेमंत सोरेन ने एक ट्वीट में कहा कि, ''दुर्भाग्य है हमारा, हम आदिवासियों का कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री एवं आदिवासी राष्ट्रपति ने देश के आदिवासी समाज को शुभकामना सन्देश देना भी उचित नहीं समझा. इनकी नजर में हम आदिवासी नहीं, वनवासी हैं.''

उन्होंने कहा कि, ''यह आदिवासी का बेटा है. इनकी चाल से हमारा न कभी रास्ता रुका है, न हम लोग कभी इन लोगों से डरे हैं. हमारे पूर्वजों ने बहुत पहले ही हमारे मन से डर-भय को निकाल दिया है. हम आदिवासियों के डीएनए में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं है.''

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल एक वीडियो ट्वीट किया था और केंद्र सरकार व बीजेपी पर प्रहार किया था. पुलिस कर्मियों के उनके आवास पर आगमन और जश्न मनाने के वीडियो के साथ उन्होंने लिखा था- ''संवैधानिक संस्थानों को तो खरीद लोगे, जनसमर्थन कैसे खरीद पाओगे? झारखंड के हमारे हजारों मेहनती पुलिस कर्मियों का यह स्नेह और यहां की जनता का समर्थन ही मेरी ताकत है. हैं तैयार हम! जय झारखण्ड!''  

हेमंत सोरेन से जुड़े खनन पट्टा मामले में कल चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल को अपनी राय भेजी थी. आयोग ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को उस याचिका पर अपनी राय भेजी, जिसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक खनन पट्टे का विस्तार अपने लिए करके चुनावी कानून का उल्लंघन किया है. याचिका में सोरेन को एक विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की गई है. 

झारखंड के राज्यपाल ने इस मामले को आयोग को भेजा था. मामले में याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) है जिसने जन प्रतिनिधि कानून की धारा 9-ए का उल्लंघन करने के लिए सोरेन को अयोग्य ठहराने की मांग की है.

झारखंड CM हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग ने विधायक पद के लिए अयोग्‍य ठहराया : सूत्र

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