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लद्दाख की ठंड हो या थार का रेगिस्तान, तेजस को मिला 'बाहुबली' इंजन, इसकी हुंकार से कांपेंगे दुश्मन!

अमेरिकी कंपनी GE Aerospace ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस Mk1A लड़ाकू विमान के लिए तीन F404-IN20 इंजन सौंप दिए हैं. जानिए इस इंजन की खासियत.

लद्दाख की ठंड हो या थार का रेगिस्तान, तेजस को मिला 'बाहुबली' इंजन, इसकी हुंकार से कांपेंगे दुश्मन!
भारत को मिले 3 नए F404 इंजन, अब रफ्तार पकड़ेगा Tejas Mk1A
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भारत का स्वदेशी फाइटर जेट तेजस की ताकत बढ़ने वाली है. LCA तेजस Mk1A प्रोग्राम को बड़ा बढ़ावा मिला है. अमेरिकी कंपनी  GE Aerospace ने बताया कि उसने भारत को तीन पावरफुल फाइटर जेट इंजन सौंपे हैं. इन इंजन को तेजस में लगाया जाएगा. कंपनी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इसी साल अगस्त में ये इंजन दिए. यह डिलीवरी ऐसे समय में हुई है जब F404 इंजनों की सप्लाई में देरी के कारण तेजस Mk1A के उत्पादन और डिलीवरी कार्यक्रम पर असर पड़ा था. HAL पहले ही कह चुका है कि उसकी उत्पादन लाइन तैयार है, लेकिन विमानों की अंतिम डिलीवरी इंजन उपलब्धता पर निर्भर है.

क्या है F404-IN20 इंजन?

F404-IN20, GE की F404 सीरीज का वह वैरिएंट है जिसे खास तौर पर भारतीय तेजस के लिए डेवलेप किया गया है. यह इंजन आफ्टरबर्नर के साथ करीब 84 kN (19,000 lbf) का मैक्सिमम थ्रस्ट पैदा करता है, जो तेजस को सुपरसोनिक गति और जबरदस्त मैन्युवरिंग क्षमता देता है. कहा जा सकता है कि यह इंजन केवल एक नॉर्मल अपग्रेड नहीं, बल्कि फाइटर जेट को हर मोर्चे पर घातक बनाने वाला पावरहाउस है.

लद्दाख से लेकर रेगिस्तान तक अचूक प्रहार

इस इंजन की सबसे बड़ी खासियत इसका हर तरह के मौसम और इलाके में असरदार रहना है. यह इंजन लद्दाख के माइनस तापमान और लेह जैसे हाई-एल्टीट्यूड एयरबेसों से लेकर थार के 50 डिग्री तापमान वाले रेगिस्तान तक बिना पावर लॉस के काम करता है. इसके लिए इसमें खास सिंगल-क्रिस्टल टर्बाइन ब्लेड्स और एडवांस कूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं.

यह इंजन पूरी तरह फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल (FADEC) टेकनोलॉजी से लैस है. यह सिस्टम ईंधन की खपत को बेहतर बनाती है और डॉगफाइट के दौरान पायलट को तुरंत थ्रॉटल रिस्पॉन्स देती है.

तेजस Mk1A के लिए क्यों अहम है यह डिलीवरी?

भारत का तेजस प्रोग्राम इंजन की कमी के चलते लगातार डिले हो रहा था.  अब तीन नए इंजन मिलने से HAL को तैयार एयरफ्रेम को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी. भारतीय वायुसेना ने फिलहाल 180 तेजस Mk1A विमानों का ऑर्डर दिया हुआ है. ऐसे में अब इन इंजनों की जल्द डिलीवरी होने की संभावना बढ़ गई.

MiG-21 की जगह लेगा तेजस

भारतीय वायुसेना पुराने MiG-21 बेड़े को चरणबद्ध तरीके से हटा रही है. ऐसे में तेजस Mk1A ही भविष्य के फ्रंटलाइन फाइटर स्क्वाड्रनों की रीढ़ बनने जा रहा है. F404-IN20 इंजन के साथ तेजस  लद्दाख जैसे हाई-एल्टीट्यूड बेस, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान और  पश्चिमी सीमा के फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात किए जा सकेंगे.

क्या हैं तेजस Mk1A की खासियतें?

तेजस Mk1A, मौजूदा तेजस Mk1 का एडवांस वैरिएंट है. यह फाइटर जेट AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, BVR मिसाइल क्षमता, बेहतर मेंटेनेंस प्रोफाइल, कम ऑपरेटिंग लागत और आधुनिक नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता जैसी खासियतों के साथ भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा.

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