तारेक फतह ने कहा है कि यदि उनकी हत्या हो जाती है तो (कट्टरपंथी) इस्लामिज्म के खिलाफ मुसलमानों की लड़ाई दूसरे लोग जारी रखेंगे.
- जुनैद को तारिक की हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी
- तारिक ने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता
- मेडिकल जांच के लिए कनाडा गए हैं तारिक
नई दिल्ली:
पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई लेखक तारिक फतह का कहना है कि उन्हें किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए छोटा शकील के सहयोगी को उनकी हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी. तारिक फिलहाल मेडिकल जांच के लिए कनाडा में हैं और उनका कहना है कि उन्हें कोई डर नहीं है.
ईमेल के जवाब में उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह गुंडे मुझे नहीं डराते हैं. मैं नवंबर में 68 वर्ष का हो जाऊंगा और यदि वह मेरी हत्या करने में सफल भी हो जाते हैं तो (कट्टरपंथी) इस्लामिज्म के खिलाफ मुसलमानों की लड़ाई दूसरे लोग जारी रखेंगे.’’ कुरान और भगवद् गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता.
फतह ने कहा, ‘‘गीता में कहा गया है ‘हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, फल की इच्छा करने पर नहीं,’ यदि सच से नुकसान हो तब भी सच ही बोलें, ऐसे में मुझे चिंता क्यों करनी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हालांकि कोई खतरा होने पर मैं हमेशा पुलिस को सूचित करता हूं.’’ फतह ने कहा कि एक मित्र से सूचना मिलने के बाद उन्हें अपनी जान पर खतरे का अभास था, लेकिन यह उन्हें डरा नहीं सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ईमेल के जवाब में उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह गुंडे मुझे नहीं डराते हैं. मैं नवंबर में 68 वर्ष का हो जाऊंगा और यदि वह मेरी हत्या करने में सफल भी हो जाते हैं तो (कट्टरपंथी) इस्लामिज्म के खिलाफ मुसलमानों की लड़ाई दूसरे लोग जारी रखेंगे.’’ कुरान और भगवद् गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता.
फतह ने कहा, ‘‘गीता में कहा गया है ‘हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, फल की इच्छा करने पर नहीं,’ यदि सच से नुकसान हो तब भी सच ही बोलें, ऐसे में मुझे चिंता क्यों करनी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हालांकि कोई खतरा होने पर मैं हमेशा पुलिस को सूचित करता हूं.’’ फतह ने कहा कि एक मित्र से सूचना मिलने के बाद उन्हें अपनी जान पर खतरे का अभास था, लेकिन यह उन्हें डरा नहीं सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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Tarek Fatah, Junaid Chaudhary, Chhota Shakeel, Plan Of Murder