नई दिल्ली:
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उस महिला के आग्रह पर केन्द्र से जवाब मांगा जिसने केन्द्र सरकार को उसके पति के बारे में सूचना देने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
महिला के पति को कथित तौर पर भारतीय खुफिया एजेन्सियों के अधिकारी सउदी अरब में उसके घर से ले गये थे। न्यायाधीश के एस राधाकृष्णन और जे एस खेहर ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी कर एक जून तक उनसे जवाब मांगा है। उसी दिन महिला निखत परवीन की अपील पर सुनवाई शुरू होगी।
परवीन की तरफ से पेश वकील नौशाद अहमद खान ने अदालत से आग्रह किया कि वह सरकार को परवीन के पति इंजीनियर फसीह महमूद के बारे में जानकारी देने का निर्देश दे क्योंकि उसे कथित तौर पर भारतीय अधिकारी सउदी अरब के अधिकारियों के साथ मिलकर उसके घर से पकड ले गये थे।
परवीन ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए कहा है कि बिहार के दरभंगा जिले के 29 वर्षीय महमूद को गत 13 मई को उसके कथित आतंकी संपर्क के आरोप में सउदी अरब में उसके घर से खुफिया एजेन्सी के अधिकारी पकड ले गये थे। महमूद पिछले पांच वर्ष से वहां काम कर रहा था।
परवीन ने कहा कि उसने विदेश और गृह मंत्रालय, बिहार और कर्नाटक सरकार एवं सउदी अरब के दूतावास को लिखा था लेकिन किसी ने उसे कुछ नहीं बताया। परवीन के अनुसार गत 13 मई को सउदी और भारतीय अधिकारियों के एक दल ने सादे कपड़ों में कथित रूप से दम्माम के जुबैल में उसके घर में प्रवेश किया था और उसका मोबाइल फोन एवं लैपटाप जब्त कर लिया था और उन्हें सूचित किया था कि फसीह को भारत भेजा जायेगा क्योंकि वह वहां वांछित है।
इस पूरे घटनाक्रम से सदमे में आयी 22 वर्षीय परवीन ने पहले भारतीय दूतावास से संपर्क किया। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिलने पर वह गत 15 मई को भारत लौट आयी।
उसका विवाह गत सितम्बर में हुआ था और इस वर्ष मार्च में ही वह सउदी अरब गयी थी।
महिला के पति को कथित तौर पर भारतीय खुफिया एजेन्सियों के अधिकारी सउदी अरब में उसके घर से ले गये थे। न्यायाधीश के एस राधाकृष्णन और जे एस खेहर ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी कर एक जून तक उनसे जवाब मांगा है। उसी दिन महिला निखत परवीन की अपील पर सुनवाई शुरू होगी।
परवीन की तरफ से पेश वकील नौशाद अहमद खान ने अदालत से आग्रह किया कि वह सरकार को परवीन के पति इंजीनियर फसीह महमूद के बारे में जानकारी देने का निर्देश दे क्योंकि उसे कथित तौर पर भारतीय अधिकारी सउदी अरब के अधिकारियों के साथ मिलकर उसके घर से पकड ले गये थे।
परवीन ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए कहा है कि बिहार के दरभंगा जिले के 29 वर्षीय महमूद को गत 13 मई को उसके कथित आतंकी संपर्क के आरोप में सउदी अरब में उसके घर से खुफिया एजेन्सी के अधिकारी पकड ले गये थे। महमूद पिछले पांच वर्ष से वहां काम कर रहा था।
परवीन ने कहा कि उसने विदेश और गृह मंत्रालय, बिहार और कर्नाटक सरकार एवं सउदी अरब के दूतावास को लिखा था लेकिन किसी ने उसे कुछ नहीं बताया। परवीन के अनुसार गत 13 मई को सउदी और भारतीय अधिकारियों के एक दल ने सादे कपड़ों में कथित रूप से दम्माम के जुबैल में उसके घर में प्रवेश किया था और उसका मोबाइल फोन एवं लैपटाप जब्त कर लिया था और उन्हें सूचित किया था कि फसीह को भारत भेजा जायेगा क्योंकि वह वहां वांछित है।
इस पूरे घटनाक्रम से सदमे में आयी 22 वर्षीय परवीन ने पहले भारतीय दूतावास से संपर्क किया। लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिलने पर वह गत 15 मई को भारत लौट आयी।
उसका विवाह गत सितम्बर में हुआ था और इस वर्ष मार्च में ही वह सउदी अरब गयी थी।
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