- दिल्ली मेट्रो फेज-4 की गोल्डन लाइन एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक साउथ दिल्ली की कनेक्टिविटी सुधारने जा रही है
- गोल्डन लाइन से छतरपुर, साकेत, वसंत कुंज जैसे पुराने इलाकों की प्रॉपर्टी वैल्यू में तेजी से वृद्धि होगी
- मेट्रो के इंटरचेंज स्टेशन से एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और बिजनेस हब्स तक आसान और तेज़ पहुंच संभव होगी
अगर आप साउथ दिल्ली में रहते हैं या वहां अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. दशकों से साउथ दिल्ली भले ही राजधानी के सबसे पसंदीदा और पॉश इलाकों में शुमार रही हो, लेकिन यहां रहने वाले लोग हमेशा से एक बड़ी समस्या से जूझते रहे हैं. इस इलाके में सड़क का भारी ट्रैफिक, एयरपोर्ट से लंबी दूरी और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी का न होना बड़ी सिरदर्दी है. इस चक्कर में साउथ दिल्ली के कई बेहतरीन इलाके अपनी असली वैल्यू हासिल नहीं कर पाए.
लेकिन अब तस्वीर बहुत जल्द बदलने वाली है. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत बन रही नई 'गोल्डन लाइन' (Golden Line Metro) साउथ दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार के लिए गेम-चेंजर साबित होने जा रही है. एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक बनने वाला यह मेट्रो कॉरिडोर इस इलाके के सबसे व्यस्त आवासीय और कमर्शियल हब को आपस में जोड़ेगा.
कौन-कौन से इलाके मेट्रो के नक्शे पर आएंगे?
गोल्डन लाइन मेट्रो कॉरिडोर एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच तैयार होगा. इसके दायरे में कई प्रमुख इलाके आएंगे.
- महिपालपुर
- वसंत कुंज
- किशनगढ़
- छतरपुर
- इग्नू (IGNOU)
- साकेत
- खानपुर
- अंबेडकर नगर
यह कॉरिडोर आगे जाकर तुगलकाबाद पर खत्म होगा. इसके अलावा, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस लाइन पर एयरोसिटी, छतरपुर, साकेत जी-ब्लॉक और तुगलकाबाद पर पुराने मेट्रो नेटवर्क के साथ बड़े इंटरचेंज स्टेशन भी मिलेंगे. इसका मतलब यह है कि अब बिना सड़क के ट्रैफिक में फंसे लोग आसानी से एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और बिजनेस हब्स तक पहुंच सकेंगे.

मेहरौली-महिपाल रोड पर जाम की समस्या
Photo Credit: NDTV
मिटेगा 'कनेक्टिविटी डिस्काउंट', इन इलाकों की बल्ले-बल्ले
ग्रांट थोर्नटन भारत के पार्टनर चेतन चिचड़ा के मुताबिक, यह गोल्डन लाइन कोई नया हाउसिंग मार्केट पैदा नहीं करेगी, बल्कि उन पुराने इलाकों से 'कनेक्टिविटी डिस्काउंट' को खत्म कर देगी जो सालों से ट्रैफिक के कारण पिछड़ रहे थे.
अभी क्या हैं साउथ दिल्ली में प्रॉपर्टी के रेट्स?
साउथ दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार पर नजर रखने वाली फर्म SouthDelhi1 के को-फाउंडर नीलेश गर्ग के अनुसार, फिलहाल इस रूट के अलग-अलग इलाकों में कीमतों में काफी अंतर देखने को मिलता है. वसंत कुंज में फ्लैट्स की कीमतें फिलहाल 21,000 से 23,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हैं.
साकेत इस रूट का सबसे महंगा बाजार है. यहां ब्लॉक और प्रॉपर्टी के हिसाब से रेट्स 27,500 से 31,500 रुपये प्रति वर्ग फुट तक हैं. साकेत में 2BHK का किराया करीब 35,000 रुपये महीना है, जबकि 3BHK का किराया 1 लाख रुपये महीने तक जाता है. छतरपुर का इलाका अभी भी थोड़ा किफायती है. यहां घर 12,400 से 18,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के रेट पर मिल रहे हैं.

साकेत इस रूट का सबसे महंगा इलाका है.
कहां होगा सबसे बड़ा फायदा?
जानकारों का मानना है कि सबसे ज्यादा फायदा उन इलाकों को होगा जो अभी सस्ते हैं और जहां मेट्रो की कमी सबसे ज्यादा खलती थी. छतरपुर, नेब सराय, खानपुर और संगम विहार जैसे इलाकों में मेट्रो स्टेशन के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाली प्रॉपर्टीज की मांग सबसे तेजी से बढ़ेगी. अगले 2 से 3 सालों में यहां मकानों की कीमतें 8 से 12 प्रतिशत और किराया 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकता है.
तुगलकाबाद और संगम विहार जैसे कम कीमत वाले बाजारों को रफ्तार पकड़ने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन बेस प्राइस कम होने की वजह से आगे चलकर यहां सबसे ज्यादा प्रतिशत का उछाल देखने को मिलेगा. मेट्रो चलने के 12 से 18 महीने बाद असली असर दिखता है. चेतन चिचड़ा का अनुमान है कि चुनिंदा माइक्रो-मार्केट्स में कुल बढ़ोतरी 20 से 25 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हो सकती है.
किराएदारों की पहली पसंद बनेंगे ये इलाके
वहीं साकेत, इग्नू, छतरपुर और नेब सराय का इलाका स्टूडेंट्स और यंग वर्किंग प्रोफेशन्स के लिए हॉटस्पॉट बनेंगे.
नेहलिया डेवलपर्स के फाउंडर और सीईओ अशोक नेहलिया के मुताबिक, दिल्ली में मेट्रो के पास वाली प्रॉपर्टीज को पहले से ही 15-20% का प्रीमियम मिलता है. गोल्डन लाइन शुरू होने पर छतरपुर, वसंत कुंज, महरौली, संगम विहार और तुगलकाबाद में कीमतों में 15-20% और किराए में 10-15% तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
फरीदाबाद के प्रॉपर्टी बाजार को भी मिलेगी संजीवनी
भले ही गोल्डन लाइन सीधे हरियाणा के फरीदाबाद तक न जाए, लेकिन तुगलकाबाद इंटरचेंज के जरिए फरीदाबाद को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा.
आरपीएस ग्रुप के डायरेक्टर अमन गुप्ता और फोर्टेशिया रियल्टी के केशव मंगला के अनुसार, तुगलकाबाद से कनेक्टिविटी सुधरने पर दिल्ली में काम करने वाले वो लोग फरीदाबाद का रुख कर सकते हैं जो कम बजट में बड़े घर चाहते हैं. इससे फरीदाबाद के सूरजकुंड, ग्रीन फील्ड्स और चार्मवुड विलेज जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग अचानक बढ़ सकती है.
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