कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने अपनी आत्मकथा लिखी है. इस किताब का नाम 'बिलॉन्गिंग' (Belonging) है. यह किताब 10 नवंबर को रिलीज होगी. 544 पेजों की यह किताब पेंग्विन द्वारा पब्लिश की जा रही है. इसमें सोनिया गांधी ने इटली में अपने बचपन, इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में छात्र जीवन और भारत में बिताए अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के बारे में लिखा है.
बचपन से लेकर राजनीतिक सफर का जिक्र
पेंग्विन पब्लिकेशन के अनुसार, किताब में सोनिया गांधी ने 1965 में कैम्ब्रिज में हुई राजीव गांधी से अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया है. उस समय वह 19 साल की स्टूडेंट थीं. बाद में दोनों की शादी हुई और सोनिया भारत आ गईं. किताब में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों, भारतीय लाइफस्टाइल को अपनाने, हिंदी सीखने, साड़ी पहनने और भारतीय खानपान से जुड़ने के अनुभव साझा किए हैं.
किताब में क्या-क्या?
आत्मकथा में इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात और गांधी परिवार के साथ जीवन के कई चैप्टर भी शामिल हैं. इसमें संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने से जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र है. सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की 1991 में चुनाव प्रचार के दौरान आत्मघाती हमले में हुई हत्या का भी जिक्र किया है.
किताब में यह भी बताया गया है कि राजीव गांधी की मौत के बाद उन्होंने लंबे समय तक राजनीति में आने के दबाव को टाला, लेकिन बाद में कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली और सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं. इसमें उस दौर का भी जिक्र है जब कांग्रेस ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया और पार्टी को गठबंधन सरकार के नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया. किताब में आजादी के बाद के भारत के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलावों का जिक्र है.
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