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बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को किया गिरफ्तार

श्री बद्रीनाथ धाम में दान के कथित गबन की जांच के लिए बनाई गई विभागीय टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है. जांच के मुताबिक, शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की चोरी सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुई.

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को किया गिरफ्तार
  • बद्रीनाथ मंदिर चंदा चोरी मामले में पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया है
  • मंदिर समिति ने चांदी के सामान और रजिस्टर में दर्ज मात्रा के बीच अंतर के कारण कोषाध्यक्ष का तबादला किया
  • विभागीय जांच टीम ने चोरी की घटनाओं के कई बार होने का पता लगाया और 18 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है
चमोली:

बद्रीनाथ मंदिर से चंदा चोरी मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है. पूर्व अधिकारी को सीसीटीवी फुटेज में 22, 25 और 29 जून को गणना कक्ष से नकदी चुराते हुए देखा गया था.

बद्रीनाथ में एसआईटी द्वारा चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को एसआईटी ने दोपहर 3 बजे गिरफ्तार कर लिया. राजेंद्र चौहान को शनिवार को न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा.

बीकेटीसी कोषाध्यक्ष का तबादला

इससे पहले बद्रीनाथ मंदिर में दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के बीच मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया था. श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी जानकारी देते हुए कहा,  "एक जांच टीम ने हमें डबल-लॉक में रखी कुछ चीजों, खासकर चांदी से बनी चीजों के बारे में रिपोर्ट दी थी. उस सामान और रजिस्टर में की गई एंट्री के बीच अंतर था. रजिस्टर में दर्ज मात्रा कम थी, जबकि असल में वहां मिला सामान ज्यादा था. पूरी संभावना है कि ये मानवीय भूल थी. अगर यह दर्ज मात्रा से कम होती, तो मैं कहता कि इसमें से कुछ सामान निकाल लिया गया है."

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हालांकि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि पवित्र स्थल से मिली धातुएं और गहने रजिस्टर में की गई एंट्री से ज्यादा थे, इसलिए हो सकता है कि इसे ओवरराइट किया गया हो. मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए, ट्रेजरर का तबादला कर दिया गया है.

बीकेटीसी के सीईओ ने उन आरोपों का भी खंडन किया कि दान में मिले लैपटॉप और एम्बुलेंस गायब हो गए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास तीन एम्बुलेंस थीं, जिनमें से एक को 'बेकार' घोषित कर दिया गया और 2016 में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नीलाम कर दिया गया. दूसरी एम्बुलेंस औपचारिक रूप से सीएमओ रुद्रप्रयाग को सौंप दी गई और तीसरी ऊखीमठ (कस्बे) में है.

उन्होंने कहा कि दान में मिले लैपटॉप कर्मचारियों के बीच बांट दिए गए थे. जांच करने पर हमें पता चला कि वे अभी भी कर्मचारियों के पास ही हैं.

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इस बीच, श्री बद्रीनाथ धाम में दान के कथित गबन की जांच के लिए बनाई गई विभागीय टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और सीईओ को रिपोर्ट सौंप दी है. जांच के मुताबिक, शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की चोरी सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुई. सूत्रों के अनुसार, चार सदस्यीय जांच टीम ने पूरी घटना और जांच के नतीजों का ब्योरा 18 पन्नों की रिपोर्ट में दिया है.

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 7 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की थी. चेयरमैन के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था.

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