- रैपर यो यो हनी सिंह पर एक परफॉर्मेंस में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप महाराष्ट्र साइबर सेल ने लगाया है
- हनी सिंह को पहले तीन बार समन भेजा गया था, लेकिन वे विदेश में होने का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे
- 16 अक्टूबर को साइबर सेल ने उन्हें फिर से पेश होने के लिए समन भेजा, नहीं आने पर LOC जारी हो सकता था
रैपर और गायक यो यो हनी सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक परफॉर्मेंस के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में महाराष्ट्र साइबर सेल ने उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा था. महाराष्ट्र साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद हनी सिंह को पहले तीन बार समन भेजा जा चुका था, हालांकि, हर बार उन्होंने विदेश में होने का हवाला देकर पेश होने से दूरी बनाए रखी. शुक्रवार को हनी सिंह साइबर सेल के सामने पेश हुए. वे आज भी साइबर सेल के सामने पेश होंगे.
जानकारी के अनुसार हनी सिंह के पेश न होने पर साइबर सेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें 16 अक्टूबर को पेश होने के लिए फिर से समन भेजा था. सूत्रों के मुताबिक, अगर वे इस बार भी पेश नहीं होते, तो उनके खिलाफ LOC लुक आउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती. हालांकि हनी सिंह महाराष्ट्र साइबर के जांच अधिकारियों के सामने पेश हो गए. जांच अधिकारियों ने उनसे 2 घंटे से अधिक समय तक कड़ी पूछताछ की.
पूछताछ के बाद जब हनी सिंह बाहर निकले, तो मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन वे बिना कोई जवाब दिए ही वहां से निकल गए.
यह मामला जनवरी 2026 में दिल्ली में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह की कथित अश्लील टिप्पणी से जुड़ा है. कॉन्सर्ट के दौरान रैपर ने दिल्ली की सर्दी का जिक्र करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर लोगों ने आपत्ति जताई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया.
वायरल वीडियो के बाद एक शिकायतकर्ता ने महाराष्ट्र साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. इसी शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई. जांच एजेंसी को इस मामले में हनी सिंह का बयान दर्ज करना है और वह उनसे घटना से जुड़ी जानकारी हासिल करना चाहती है. इसी सिलसिले में उन्हें बार-बार समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया.
सितंबर में भी महाराष्ट्र साइबर ने हनी सिंह को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था. 14 सितंबर को जारी नोटिस को 'फाइनल रिमाइंडर' बताया गया था. इसमें उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित महाराष्ट्र साइबर कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था. हालांकि वह तय तारीख पर भी नहीं पहुंचे और उन्होंने पेशी के लिए और समय मांगा. इसके बाद अब उन्हें 16 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.
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