हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के गढ़ शिमला में बीजेपी ने करीब 25 साल के बाद जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल किया है. गुरुवार को बचत भवन में आयोजित चुनाव में बीजेपी समर्थित जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और निर्दलीय भरत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष पद पर चुने गए हैं. अध्यक्ष पद के लिए भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 10 मत प्राप्त हुए जबकि दो वोट इनवेलिड हुए. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर भरत सिंह कलान्टा को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की मीनाक्षी को 10 मत मिले और एक वोट रद्द हुआ.
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि शिमला जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सीट पर बीजेपी कई साल बाद काबिज हुई है. यह जीत बताती है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को शिमला जिले ने भी रिजेक्ट कर दिया है. यह 2027 चुनाव की शुरुआत है और बीजेपी 2027 में सत्ता में काबिज होने वाली है.
बीजेपी सांसद सिकंदर कुमार ने कहा कि भाजपा पर जनता ने भरोसा किया है और शिमला जिला परिषदअध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सीट पर भाजपा के सदस्यों को चुना है.
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CM सुख्यू क्या बोले?
सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा था कि जिला परिषद सदस्यों की एक दिन की वैल्यू है, आज जिला परिषद सदस्यों ने सरकार को दिखा दिया है कि उनकी क्या ताकत है.
नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने सभी जिला परिषद सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें जनता ने दी है, उसका वह बखूबी निर्वहन करेंगे. जनता की समस्याओं के समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे और सरकार के समक्ष जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि चुनाव में सरकार ने देरी की और यही वजह है कि सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा है. अगर चुनाव वक्त पर हो जाते तब भी परिणाम यही रहता, लेकिन चुनाव में देरी की वजह से लोगों में ज्यादा गुस्सा देखने को मिला है.
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