संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण से जुड़े तीनों विधेयकों के लोकसभा में गिरने के बाद देशभर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता जा रहा है. बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन करके महिला आरक्षण लागू नहीं होने देने के लिए कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं. वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां भी महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.
महिला आरक्षण के सवाल पर इस राजनीतिक वाद-विवाद के बीच कांग्रेस के लोकसभा सांसद शशि थरूर ने एक दिलचस्प बयान दिया है. संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन शशि थरूर ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ विपक्षी सांसदों की एक मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट में कहा, ""आइए इस हकीकत को स्वीकार करें कि महिलाएं मानव प्रजाति का बेहतर हिस्सा हैं. वो इंप्रूव्ड मॉडल हैं- Humans 2.0"
A little post-adjournment gathering of Opposition MPs in the LokSabha with our charming Parliamentary Affairs Minister. When @KirenRijiju explained why he & his party were calling the Opposition “mahila virodhi”, it was pointed out to him that no one could ever call me… pic.twitter.com/9iyeJgqvF5
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 18, 2026
शशि थरूर ने आगे कहा कि महिलाएं संसद और हर संस्था में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं. बस महिलाओं की इस प्रगति को एक नुकसान पहुंचाने वाले और खतरनाक परिसीमन से न जोड़ें, जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकता है.
शशि थरूर ने लिखा, "हमारे चार्मिंग संसदीय कार्य मंत्री के साथ लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संसद के स्थगन के बाद एक छोटी सी मुलाकात! जब किरेन रिजिजू ने बताया कि वह और उनकी पार्टी विपक्ष को "महिला विरोधी" क्यों कह रहे हैं, तो उन्हें बताया गया कि कोई भी मुझे कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता! उन्होंने बात मान ली...!"
देखें- 'BJP को TMC से सीखना चाहिए...' महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक पारित नहीं होने पर CM ममता
शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिल पारित न हो पाने के बाद शशि थरूर ने कहा था कि यह विपक्षी दलों की बहुत ही ठोस जीत रही है. संवैधानिक संशोधन को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई वोटों से भाजपा को 52 वोट कम मिले थे.
थरूर की राय में विपक्षी दल जीत की भावना को महसूस कर रहे हैं. यह महिला आरक्षण के खिलाफ वोट नहीं है, बल्कि परिसीमन और उस नुकसान के खिलाफ है जो परिसीमन और संसद के नाटकीय विस्तार से हमारे लोकतंत्र के लिए होगा, इसलिए हमने अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदान किया है!
देखें- महिला आरक्षण बिल के लिए दिल्ली में महिला सांसदों का प्रदर्शन, हिरासत में ली गईं बांसुरी स्वराज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं