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'महिलाएं बेहतर Humans 2.0 मॉडल हैं', आरक्षण बिल पर विवाद के बीच शशि थरूर ने ऐसे कसा तंज

शशि थरूर ने कहा कि महिलाएं संसद और हर संस्था में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं. बस महिलाओं की इस प्रगति को एक नुकसान पहुंचाने वाले और खतरनाक परिसीमन से न जोड़ें, जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकता है.

'महिलाएं बेहतर Humans 2.0 मॉडल हैं', आरक्षण बिल पर विवाद के बीच शशि थरूर ने ऐसे कसा तंज
शशि थरूर समेत कई विपक्षी सांसदों के साथ शनिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मुलाकात की.

संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण से जुड़े तीनों विधेयकों के लोकसभा में गिरने के बाद देशभर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता जा रहा है. बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन करके महिला आरक्षण लागू नहीं होने देने के लिए कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं. वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां भी महिला आरक्षण बिल पर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.

महिला आरक्षण के सवाल पर इस राजनीतिक वाद-विवाद के बीच कांग्रेस के लोकसभा सांसद शशि थरूर ने एक दिलचस्प बयान दिया है. संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन शशि थरूर ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ विपक्षी सांसदों की एक मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट में कहा, ""आइए इस हकीकत को स्वीकार करें कि महिलाएं मानव प्रजाति का बेहतर हिस्सा हैं. वो इंप्रूव्ड मॉडल हैं- Humans 2.0"

शशि थरूर ने आगे कहा कि महिलाएं संसद और हर संस्था में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं. बस महिलाओं की इस प्रगति को एक नुकसान पहुंचाने वाले और खतरनाक परिसीमन से न जोड़ें, जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकता है. 

शशि थरूर ने लिखा, "हमारे चार्मिंग संसदीय कार्य मंत्री के साथ लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संसद के स्थगन के बाद एक छोटी सी मुलाकात! जब किरेन रिजिजू ने बताया कि वह और उनकी पार्टी विपक्ष को "महिला विरोधी" क्यों कह रहे हैं, तो उन्हें बताया गया कि कोई भी मुझे कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता! उन्होंने बात मान ली...!"

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शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिल पारित न हो पाने के बाद शशि थरूर ने कहा था कि यह विपक्षी दलों की बहुत ही ठोस जीत रही है. संवैधानिक संशोधन को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई वोटों से भाजपा को 52 वोट कम मिले थे.

थरूर की राय में विपक्षी दल जीत की भावना को महसूस कर रहे हैं. यह महिला आरक्षण के खिलाफ वोट नहीं है, बल्कि परिसीमन और उस नुकसान के खिलाफ है जो परिसीमन और संसद के नाटकीय विस्तार से हमारे लोकतंत्र के लिए होगा, इसलिए हमने अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदान किया है!  
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