- संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा है, जो फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है
- शारिक के खिलाफ हत्या, हथियार तस्करी, जालसाजी समेत 69 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह फरार है
- संभल हिंसा में उपयोग किए गए हथियार पाकिस्तान, अमेरिका और चेकोस्लोवाकिया से आए थे
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा को लेकर जिस नाम पर सबसे ज्यादा उंगलियां उठ रही हैं, वह है शारिक साठा. संभल पुलिस और SIT की जांच में शारिक को इस पूरी साजिश का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है. पुलिस के अनुसार शारिक नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय इलाके का रहने वाला है और फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है. वह 2020 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भाग निकला था. उसके खिलाफ हत्या, हथियार तस्करी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट सहित 69 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं.
दुबई में बनी थी संभल हिंसा की योजना
पुलिस का दावा है कि संभल हिंसा की पूरी योजना शारिक ने दुबई में बैठकर बनाई. उसने ही अपने नेटवर्क के जरिए हथियार, कारतूस और विदेशी गोलियां सप्लाई करवाईं. SIT की जांच में यह भी सामने आया कि हिंसा में उपयोग किए गए हथियार पाकिस्तान, अमेरिका और चेकोस्लोवाकिया निर्मित थे, जिन्हें शारिक ने अपने गुर्गों गुलाम और मुल्ला अफरोज के जरिए भिजवाया. दोनों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
हिंसा में 4 लोगों की हुई थी मौत
हिंसा में फायरिंग, पथराव और आगजनी हुई, जिसमें चार लोगों की मौत और कई घायल हुए. इसके बाद पुलिस ने शारिक को मुख्य आरोपी बनाते हुए कई FIR दर्ज कीं. SIT के अनुसार उसके फरार होने और कोर्ट में पेश न होने के कारण न्यायालय ने उसके खिलाफ कुर्की वारंट जारी किया है. पुलिस ने उसकी 2.31 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर लिया है.
लंबे समय से अपराध की दुनिया में है साठा
शारिक साठा का अपराध जगत में दबदबा नया नहीं है. वो दिल्ली‑NCR से गाड़ियां चोरी कर उत्तर‑पूर्वी राज्यों तक सप्लाई करवाता रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक वह 300 से अधिक वाहन चोरी करवाने में शामिल रहा है. इस नेटवर्क के कारण उसकी तलाश दिल्ली पुलिस को भी है.
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि साठा के पाकिस्तान स्थित नेटवर्क और ISI से भी तार जुड़े हुए हैं. यही कारण है कि वह दुबई जैसे सुरक्षित ठिकाने से भारत में घटनाओं को संचालित करता रहा. UP पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जब तक शारिक गिरफ्तार नहीं होता, अभियान जारी रहेगा.
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