विज्ञापन

re-NEET से पहले टेलीग्राम बैन... सोशल मीडिया पर IIT-K के डायरेक्टर से भिड़े सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी

22 जून को होने वाले re-NEET से पहले सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा दी है. इसे लेकर आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल के साथ सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी की बहस हो गई.

re-NEET से पहले टेलीग्राम बैन... सोशल मीडिया पर IIT-K के डायरेक्टर से भिड़े सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल और सार्थक सिद्धांत. (फाइल फोटो)
X: social media
नई दिल्ली:

देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET का पेपर लीक होने के बाद अब 22 जून को इसकी दोबारा परीक्षा हो रही है. पेपर लीक न हो, इसके लिए सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया है. सरकार ने इसे इसलिए ब्लॉक किया है, ताकि गलत जानकारी और पेपर लीक के झूठे दावों को फैलने से रोका जा सके. 

लेकिन सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. सरकार के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल और CBSE के OSM में खामी ढूंढकर चर्चा में आए सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी के बीच जमकर बहस हुई. 

कैसे शुरू हुआ ये सब?

इस सबकी शुरुआत तब हुई NEET करवाने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने X पर एक पोस्ट की. यह पोस्ट NTA ने टेलीग्राम को ब्लॉक करने की जानकारी देते हुए लिखी थी.

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि लोग टेलीग्राम पर लगी किसी भी रोक को आसानी से बायपास कर सकते हैं. निसर्ग ने दावा किया, 'पेपर लीक नहीं रोक पाए, आखिर में टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया. टेलीग्राम को पूरी तरह ब्लॉक करना मुमकिन ही नहीं है. टेलीग्राम को इस तरह से बनाया गया है कि लोग आसानी से प्रॉक्सी और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करके इसे चला सकते हैं.'

निसर्ग अधिकारी खुद को एथिकल हैकर बताते हैं. उन्होंने CBSE के ऑन स्क्रीम मार्किंग (OSM) सिस्टम की खामियों का खुलासा किया था. इसके बाद वह हाल ही में आईआईटी कानपुर के साइबर सिक्योरिीट और साइबर डिफेंस इनोवेशन सेंटर, C3iHub में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर OSINT और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के तौर पर शामिल हुए हैं.

निसर्ग की पोस्ट पर जवाब देते हुए आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि चिंता सिर्फ लीक हुए पेपर शेयर करने की नहीं थी, बल्कि लीक के झूठे दावों के फैलने की थी.

उन्होंने X पर लिखा, 'उन्हें बिठाकर समझाना होगा. टेलीग्राम चैनल के साथ समस्या लीक पेपर शेयर करने की नहीं है, ऐसा करने के कई और तरीके हैं, बल्कि इसका इस्तेमाल लीक की ऐसी झूठी खबरें फैलाने के लिए किया जा सकता है जो असली लगती हैं. JEE एडवांस्ड के दौरान किसी ने ऐसा किया था. इससे बेवजह भ्रम पैदा होता है.'

फिर हुई सार्थक सिद्धांत की एंट्री

इस बहस में 18 साल के सार्थक सिद्धांत की भी एंट्री हुई. सार्थक उन छात्रों में शामिल थे जो CBSE के OSM सिस्टम से परेशान थे और उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए वेंडर चुनने की टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा किया था. सार्थक ने भी टेलीग्राम को ब्लॉक करने की वजह पर सवाल उठाए.

X पर एक पोस्ट में सार्थक ने लिखा, 'सिर्फ इसलिए कि कम्युनिकेशन के एक माध्यम में गलत जानकारी फैलाने की गुंजाइश है, हमने उसे बंद करने का फैसला कर लिया.'

उन्होंने आगे पूछा, 'क्या WhatsApp में गलत जानकारी नहीं फैलती? क्या प्रेस में ऐसा नहीं होता? पूरे टेलीग्राम को बंद करने के पीछे क्या तर्क है?' अग्रवाल की बातों का जिक्र करते हुए सिद्धांत ने लिखा कि 'क्या ट्विटर को बंद कर देना चाहिए क्योंकि वहां गलत जानकारी फैलाई जा रही है?'

उन्होने कहा, 'असल में, असहमति जताने वाले हर माध्यम को ही बंद कर देते हैं क्योंकि आखिर असहमति भी तो गलत जानकारी ही है? लोगों के आपस में बात करने पर भी रोक लगा देते हैं.'

आलोचना का जवाब देते हुए अग्रवाल ने कहा, 'अगर आप WhatsApp पर कोई पोस्ट बदलते हैं, तो यह दिखता है कि आपने उसे कब एडिट किया था. इसलिए यह कोई समस्या नहीं है.'

सिद्धांत ने जब इस फर्क के पीछे के 'लॉजिक' पर सवाल उठाया, तो अग्रवाल ने दावा किया कि टेलीग्राम 'बिना कोई निशान छोड़े फेक लीक करने' की सुविधा देता है.

अग्रवाल ने लिखा, 'टेलीग्राम में, जैसा कि मैं लिख रहा हूं, एक खास फीचर है जो पोस्ट को एडिट करने की सुविधा देता है, बिना यह दिखाए कि एडिट किया गया है. यह खतरनाक है. किसी और बड़े सोशल मीडिया चैनल में यह सुविधा नहीं है. कोई यह तर्क दे सकता है कि बैन लगाना अच्छा विचार नहीं है. लेकिन बैन लगाने के संदर्भ को सही ढंग से समझना जरूरी है.'

इसके बाद सार्थक ने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि टेलीग्राम पर भी मैसेज एडिट करने पर 'edited' लिखा आता है. उन्होंने कहा, 'यह गलत जानकारी है! NTA शायद आगे चलकर ट्विटर पर बैन लगाने पर विचार कर सकता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने के लिए किया जाता है.'

सरकार का क्या है कहना है इस सब पर?

re-NEET का एग्जाम 22 जून को होना है. इससे पहले सरकार ने भारत में टेलीग्राम के इस्तेमाल पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगा दी है. सरकार ने साफ किया है कि 22 जून के बाद टेलीग्राम फिर से शुरू हो जाएगा.

इस रोक पर NTA ने कहा कि यह कदम नकल कराने वाले रैकेट और गलत जानकारी से निपटने के लिए उठाया गया है. एक अलग निर्देश में Telegram से कहा गया है कि वह भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून तक बंद कर दे.

NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि टेलीग्राम पर रोक इसलिए लगाई गई है, ताकि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के हो. उन्होंने PTI से कहा, 'हम कुछ भी गलत नहीं होने देंगे. हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे कि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के हो.' 

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह कदम पेपर लीक की किसी रिपोर्ट के कारण उठाया गया है, तो सिंह ने कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं था और अधिकारी ऑनलाइन फैल रहे फेक मैसेज से निपट रहे थे. सिंह ने कहा कि ऐसे मैसेज फैलने से उम्मीदवारों में चिंता बढ़ रही थी.
 

लेखक के बारे में
img
प्रियंक द्विवेदी
चीफ सब एडिटर
डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर और इंडेप्थ खबरों पर काम करने में दिलचस्पी है. राजनीति के साथ-साथ वर्ल्ड, बिजनेस और लीगल न्यूज पर काम करना पसंद है. घूमना-फिरन... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Re-NEET 2026, NEET 2026, Telegram Blocked, Sarthak Sidhant, Nisarg Adhikari CBSE
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com