- सागर-सतना एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड और विंध्य के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा.
- इस हाईवे से भोपाल और वाराणसी की दूरी 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी.
- यह हाईवे सागर, सतना, रीवा, प्रयागराज, वाराणसी जैसे राज्यों को कनेक्ट करेगा.
भोपाल से वाराणसी जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. दोनों शहरों के बीच की दूरी अब 8 घंटे में पूरी हो जाएगी. क्योंकि सागर सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी होने वाली है. यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच गेम-चेंजर साबित होगा. इस प्रोजेक्ट से भोपाल, सागर, सतना, रीवा, प्रयागराज, वाराणसी जैसे बड़े शहर आपस में और मजबूती से जुड़ जाएंगे. जहां आने जाने में समय की बचत होगी. मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की तरफ से यह हाईवे तैयार किया जा रहा है. 227 किलोमीटर का यह 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर 9850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है.
भोपाल से वाराणसी का सफर 8 घंटे में पूरा होगा
भोपाल से वाराणसी जाने के लिए सतना रीवा रूट से सफर तय किया जाता है. लेकिन यह रास्ता फिलहाल डबल-लेन राज्य राजमार्गों से होकर जाता है. ऐसे में 760 किलोमीटर का सफर तय करने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है. लेकिन सागर सतना एक्सप्रेसवे बनने से यह सफर कम कम होगा. जो 4 लेन बनाया जाएगा. उससे दोनों शहरों के बीच की दूरी में 70 से 100 किलोमीटर की कमी होगी. जिससे भोपाल से वाराणसी का सफर 590 किलोमीटर के आसपास रह जाएगा. इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी 8 घंटे में पूरी हो जाएगी. क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर के बीच रहेगी. इसलिए सागर सतना एक्सप्रेसवे एमपी और यूपी की कनेक्टिविटी के लिए अहम होगा.
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रीवा-प्रयागराज के लिए भी फायदा
सागर से सतना शहरों के बीच की दूरी में भी बड़ा परिवर्तन हो जाएगा. अभी दोनों शहरों के बीच 300 किलोमीटर की दूरी है. लेकिन इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से यह दूरी 73 किलोमीटर कम हो जाएगी. सागर और सतना की कुल दूरी 227 किलोमीटर हो जाएगी. जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी में पहले 6 से 8 घंटे का समय लगता था. लेकिन अब यह दूरी महज 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी. जबकि भोपाल से रीवा का सफर भी 5 से 6 घंटे में पूरा होगा.

एमपी के यह शहर होंगे कनेक्ट
- सागर
- दमोह
- पन्ना
- सतना
- मैहर
- सीधी
- रीवा
एमपी-यूपी की नई लाइफलाइन
सागर सतना एक्सप्रेसवे एक तरह से मध्य प्रदेश के ही जिलों के बीच से गुजरेगा. लेकिन यह बुंदेलखंड से विंध्य के बीच से होते हुए उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. सतना से आगे जाकर यह हाईवे का सड़क संपर्क सीधे यूपी के मिर्जापुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगा. इस हाईवे के बन जाने से मध्य प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों जैसे भोपाल, इंदौर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों और यात्रियों को उत्तर प्रदेश जाने के लिए एक सीधा और हाई स्पीड सड़क कारिडोर मिल जाएगा. जहां यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से तेज और सुगम कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम
— PWD, MP (@pwdminmp) August 13, 2026
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सागर कोटा ग्रीनफील्ड से भी जुड़ेगा हाईवे
खास बात यह है कि सागर सतना एक्सप्रेसवे पश्चिम में प्रस्तावित सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से भी जुड़ेगा. जिससे राजस्थान के जयपुर और उदयपुर से लेकर सीधे उत्तर प्रदेश के वाराणसी और लखनऊ तक एक सीधा गलियारा बन जाएगा. इसलिए यह हाईवे एमपी यूपी की नई लाइफलाइन मानी जा रही है.
आखिरी चरण में DPR का काम
मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से यह प्रोजेक्ट पहले ही मंजूर हो चुका है. प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को आखिरी चरण में बताया जा रहा है. सर्वे पूरा होने के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर फोकस किया जाएगा. ऐसे में यह प्रोजेक्ट तेजी से अब आकार लेने वाला है.
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