विज्ञापन

दुर्लभ पीले-सफेद सांप को देखकर सहमे लोग, फॉरेस्ट विभाग ने कहा- 10,000 में एक होता है एल्बिनो स्नैक

ओडिशा के भद्रक जिले में एक बेहद दुर्लभ पीले‑सफेद एल्बिनो सांप मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. फॉरेस्ट विभाग ने बताया कि ऐसा सांप करीब 10 हजार में एक होता है. मुंह पर चोट लगने के बाद स्नेक हेल्पलाइन और वन विभाग की मदद से उसका रेस्क्यू किया गया.

दुर्लभ पीले-सफेद सांप को देखकर सहमे लोग, फॉरेस्ट विभाग ने कहा- 10,000 में एक होता है एल्बिनो स्नैक

Rare Albino Snake Rescue: ओडिशा के भद्रक जिले में उस वक्त अफरा‑तफरी मच गई, जब लोगों की नजर एक बेहद अजीब रंग के सांप पर पड़ी. सांप का रंग पीला‑सफेद था, जिसे देखकर लोग सहम गए. बाद में फॉरेस्ट विभाग ने बताया कि यह कोई आम सांप नहीं, बल्कि बेहद दुर्लभ एल्बिनो स्नैक है, जो करीब 10 हजार में एक होता है. समय रहते ग्रामीणों की सूझबूझ और वन विभाग की मदद से इस सांप को सुरक्षित बचा लिया गया.

यह दुर्लभ एल्बिनो सांप शुक्रवार को भद्रक जिले के बोंथ ब्लॉक के छयाल सिंह इलाके में देखा गया. सांप नजर आते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए. अलग रंग होने की वजह से पहले लोग डर गए, लेकिन बाद में किसी ने उसे नुकसान नहीं पहुंचाया.

ग्रामीणों ने दिखाई समझदारी

स्थानीय ग्रामीणों ने हालात को संभालते हुए सावधानी से सांप को काबू में रखा. उन्होंने न तो सांप को मारा और न ही उसे चोट पहुंचाने की कोशिश की. तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी गई, जिससे समय रहते रेस्क्यू संभव हो सका. रेस्क्यू के बाद सांप को कुछ समय तक निगरानी में रखा गया. फिर असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (ACF) के निर्देश पर उसे भद्रक रेंज ऑफिस भेजा गया, जहां उसकी हालत पर नजर रखी गई.

कैसे हुई सांप की पहचान?

फॉरेस्ट विभाग ने सांप की तस्वीरें स्नेक हेल्पलाइन के जनरल सेक्रेटरी शुभेंदु मलिक को भेजीं. तस्वीरों की जांच के बाद उन्होंने पुष्टि की कि यह एल्बिनो सांप है. अधिकारियों ने बताया कि एल्बिनिज्म एक जेनेटिक समस्या है, जिसमें शरीर में मेलानिन पिगमेंट नहीं बनता. इसी वजह से सांप का रंग पीला‑सफेद हो जाता है. जंगल में ऐसे सांपों का जिंदा रहना काफी मुश्किल होता है, इसलिए ये बहुत कम देखने को मिलते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

मुंह पर चोट से बढ़ी चिंता

जांच के दौरान यह सामने आया कि सांप के मुंह के पास चोट लगी हुई है. इसी वजह से उसकी हालत को लेकर चिंता बढ़ गई. चोट गंभीर न हो जाए, इसके लिए तुरंत विशेषज्ञों की राय ली गई. स्नेक हेल्पलाइन की तीन सदस्यीय टीम जाजपुर से भद्रक पहुंची. टीम ने सांप की पूरी जांच की और बताया कि उसे बेहतर इलाज की जरूरत है. एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद आगे का फैसला लिया गया.

अब भुवनेश्वर भेजा जाएगा सांप

वन विभाग ने तय किया है कि एल्बिनो सांप को भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क भेजा जाएगा. वहां विशेषज्ञ पशु डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल होगी. पूरी तरह ठीक होने के बाद ही उसे जंगल में छोड़ने पर विचार किया जाएगा.

फॉरेस्ट विभाग की लोगों से अपील

DFO भद्रक ने कहा कि ग्रामीणों ने सांप को बचाकर बहुत अच्छा काम किया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी सांप या वन्यजीव दिखे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं. तुरंत 1926 हेल्पलाइन या नजदीकी फॉरेस्ट ऑफिस को सूचना दें. खुद से सांप पकड़ने की कोशिश न करें, इससे जान का खतरा हो सकता है.
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Albino Snake Found In Odisha, Rare Albino Snake Rescue, Bhadrak Albino Snake News, Odisha Forest Department Rescue, Albino Snake India, Rare Snake Species India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com