- पंबन रेलवे ब्रिज, जो 1914 में बना था, रामनाथपुरम जिले के मंडपम को रामेश्वरम द्वीप से जोड़ता था.
- यह पुल समुद्र के बीच कैंटिलीवर और वर्टिकल लिफ्ट सिस्टम के कारण जहाजों के गुजरने में सहायक था.
- पंबन ब्रिज की खूबसूरती और समुद्र के बीच मौजूदगी ने इसे कई फिल्मों की शूटिंग का प्रमुख स्थल बनाया.
रामेश्वरम को देश से जोड़ने वाला ऐतिहासिक पंबन रेलवे ब्रिज अब इतिहास के पन्नों में समाने की ओर बढ़ रहा है. नए पंबन रेलवे ब्रिज के संचालन में आने के बाद पुराने पंबन ब्रिज को तोड़ने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई. यह पुल न सिर्फ इंजीनियरिंग का चमत्कार रहा, बल्कि दशकों तक फिल्मों, पर्यटन और आस्था का अहम प्रतीक भी बना रहा.
1914 में बना, समुद्र पर भारत की पहली रेल कड़ी
पुराना पंबन रेलवे ब्रिज 1914 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था. यह भारत का पहला ऐसा समुद्री रेलवे पुल था, जो रामनाथपुरम जिले के मंडपम को रामेश्वरम द्वीप से जोड़ता था. करीब 2.3 किलोमीटर लंबा यह पुल तेज हवाओं, ऊंची लहरों और खारे समुद्री पानी के बीच खड़ा रहा और एक सदी से भी ज्यादा समय तक रेल सेवा देता रहा.
#WATCH | Tamil Nadu: The Pamban Railway Bridge was built in 1914 to connect the island of Rameswaram with the mainland of Mandapam, the first bridge to be built in the middle of the sea in India.
— ANI (@ANI) January 24, 2026
Since the bridge often had technical problems, it was planned to build a new bridge… pic.twitter.com/fhB9e9BVeD
पुल की सबसे खास बात थी इसका कैंटिलीवर और वर्टिकल लिफ्ट सिस्टम, जिससे जहाजों को निकलने के लिए बीच का हिस्सा ऊपर उठाया जाता था.
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फिल्मों की शूटिंग से मिली अलग पहचान
पंबन ब्रिज सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा. इसकी खूबसूरती और समुद्र के बीच बनी संरचना ने फिल्मकारों को भी आकर्षित किया. कई तमिल, मलयालम और हिंदी फिल्मों के दृश्य यहां फिल्माए गए. समुद्र के ऊपर दौड़ती ट्रेन, तेज हवाएं और खुले आसमान के दृश्य. पंबन ब्रिज भारतीय सिनेमा में रोमांच और भावनाओं का प्रतीक बन गया. फिल्मी दृश्यों ने इस पुल को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और यह आम दर्शकों के बीच भी चर्चित हुआ.
पंबन ब्रिज पर शूट हुई कई फिल्में
चेन्नई एक्सप्रेस (2013), रावण (2010), कंडुकोनैन कंडुकोनैन (2000)– तमिल जैसी कई फिल्में इस पुल पर शूट हुई हैं.
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
आपको बता दें कि रामेश्वरम चार धामों में शामिल है. हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं. पंबन ब्रिज से गुजरती ट्रेन को देखना या उस पर सफर करना खुद में एक अनुभव माना जाता था. समुद्र के बीच खड़े होकर सूर्योदय‑सूर्यास्त, लहरों की आवाज और दूर तक फैला नीला पानी. यह पुल एक बड़ा पर्यटक आकर्षण भी बन गया. आज भी पर्यटक पंबन रोड ब्रिज और आसपास के इलाकों में रुककर पुराने पुल की तस्वीरें लेते हैं.
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कमजोर होने लगा था पुराना पंबन पुल
समुद्री नमक, तेज हवाएं और उम्र के असर से पंबन ब्रिज की संरचना कमजोर होने लगी थी. कई बार तेज तूफानों के दौरान रेल सेवाएं रोकनी पड़ीं. सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की रफ्तार सीमित की गई. इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने नए, आधुनिक और ज्यादा मजबूत पंबन रेलवे ब्रिज के निर्माण का फैसला लिया.
नया पंबन ब्रिज, नई शुरुआत
नया पंबन रेलवे ब्रिज आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जो तेज रफ्तार ट्रेनों, ज्यादा भार और खराब मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसके शुरू होते ही पुराना पुल अपनी सेवा से मुक्त हो गया. अब पुराने पंबन ब्रिज को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, ताकि समुद्री यातायात और सुरक्षा मानकों पर कोई असर न पड़े.
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