- अनुकल्प मिश्रा को व्यवस्था कार्यकर्ता का पास देकर मंदिर परिसर में प्रवेश की सुविधा दी गई थी
- SIT ने ट्रस्ट के पिछले 5 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का पुनः ऑडिट करने का निर्णय लिया है
- जांच के दौरान नकद के अलावा सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई है तथा एक दान बॉक्स भी बरामद किया गया है
अयोध्या राम मंदिर मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा को राम मंदिर में जाने के लिए “व्यवस्था कार्यकर्ता” बनाकर उसका पास बनाया गया था. हर बड़े कार्यक्रम में उसे व्यवस्था कार्यकर्ता के तौर पर पास बनाकर उसकी एंट्री कराई जाती थी. व्यवस्था कार्यकर्ता के तौर पर बने पास से ही मंदिर के रोज की आवाजाही आसान हो जाती थी. राम मंदिर मामले के अनुकल्प मिश्रा ने पिछले साल एक कार भी खरीदी थी. 17 मई 2025 को उसकी कार खरीदने के बाद की तस्वीर सामने आई है.

राम मंदिर दान चोरी मामले के एक आरोपी अनुकल्प मिश्रा को ट्रस्ट से मिले आई कार्ड की फोटो भी एनडीटीवी के पास मौजूद है. ये आई कार्ड दीपावली उत्सव के वक्त अनुकल्प को जारी किया गया था. जिस पर बकायदा लिखा हुआ है 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दीपावली प्रवेश-पत्र'. इस आई कार्ड का सत्यापन बालिंद्र भूषण मिश्रा ने किया है. इसमें लिखा है कि यह प्रवेश-पत्र आधार कार्ड के साथ ही मान्य है. साथ ही ये भी हिदायत दी गई है कि मंदिर परिसर में मोबाइल/कैमरा इत्यादि पूर्णतः प्रतिबंधित है. कार्ड जारी करने वाले के नाम में चंपत राय का नाम लिखा हुआ है.
5 सालों का होगा ऑडिट
वहीं पीटीआई के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर में दान के कथित गबन की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के खातों का फिर से ऑडिट करेगा क्योंकि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मिला है. सूत्रों ने बताया कि पुन: ऑडिट में निर्माण-संबंधी व्यय के साथ-साथ दान के रूप में प्राप्त आभूषण और सोने तथा चांदी की अन्य वस्तुओं को भी शामिल किया जाएगा.
सबसे ज्यादा पैसा किसके पास
सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए कथित गबन के सबूतों के बाद एसआईटी पूरे पांच साल के ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी. एक और घटनाक्रम में, अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की. इस मामले में दान की गिनती के काम में शामिल शुक्ला को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और बृहस्पतिवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें 24 घंटे की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्ला के पास से इस मामले में अब तक सबसे ज्यादा नकद राशि बरामद हुई है.
इनके पास से बरामद हुए लाखों
एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर के निर्माण और प्रबंधन से जुड़े गोपाल राव से भी पूछताछ की है. राय और मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट द्वारा छह जुलाई को होने वाली बैठक में उन पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में नकद बरामदगी में शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू से एक लाख रुपये शामिल हैं. पुलिस ने जांच के दौरान करीब 11 ग्राम सोना, करीब 375 ग्राम चांदी और 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए हैं. सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने अयोध्या के एक योग केंद्र से पेटीएम क्यूआर कोड वाला 'रामराज्य कोष' लेबल वाला एक दान बॉक्स भी जब्त किया, जहां शुक्ला कथित तौर पर लगभग एक दशक से रह रहे थे.
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