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This Article is From Apr 28, 2021

कोरोना संकट में देवदूत बना यह शख्स, रोजाना होम क्वारंटीन परिवारों को देता है मुफ्त भोजन

कपड़ा कारोबारी राजीव सिंघल इन दिनों होम क्वारंटाइन हुए 200 लोगों की पेट की भूख मिटाने में व्यस्त हैं. सिंघल का कहना है पिछले साल जब खुद कोरोना पॉजिटिव होने पर होम क्वारंटाइन हुए थे तब अच्छे भोजन के लिए तरस गये थे.

कोरोना संकट में देवदूत बना यह शख्स, रोजाना होम क्वारंटीन परिवारों को देता है मुफ्त भोजन
प्रतीकात्मक तस्वीर.
नई दिल्ली:

कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में सरकारें भी पस्त हो चुकी हैं. किसी को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है तो किसी को दवाई और कुछ लोग भोजन को तरस रहे हैं.  ऐसे में बोरीवली के राजीव सिंघल एक देवदूत बनकर सामने आए हैं. राजीव सिंघल रोजाना 200 लोगों को दोपहर और रात में मुफ्त भोजन बांट रहे हैं वो भी घर का बना. कपड़ा कारोबारी राजीव सिंघल इन दिनों होम क्वारंटाइन हुए 200 लोगों की पेट की भूख मिटाने में व्यस्त हैं. सिंघल का कहना है पिछले साल जब खुद कोरोना पॉजिटिव होने पर होम क्वारंटाइन हुए थे तब अच्छे भोजन के लिए तरस गये थे.

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राजीव सिंघल ने कहा कि अबकी बार हमको ध्यान आया कि बहुत से परिवार होंगे जिनको अच्छे खाने की दिक्कत हो सकती है. यहाँ किचन में 200 आदमी का सुबह का और 200 आदमी का शाम को खाना बनता है जिसे हम कूरियर से मुफ्त पहुँचाते हैं. सिंघल बताते हैं कि खुद होम क्वारंटाइन रहते हुए उन्होंने जब आशा किचन से टिफिन मंगवाया था तो खाना स्वादिष्ट और पौष्टिक दोनों मिला..दूसरों को भी वैसा ही अच्छा खाना मिले इसलिए उन्होंने आशा किचन को भोजन बनाने का ऑर्डर दिया.

किचन में मौजूद आशा भरतिया का कहना है कि टिफिन में रोटी है , चावल , दाल , दो सब्जी , पापड़ , अचार और टिशू पेपर सब है.वहीं पैकेट और जोमैटो वालों का कहना है कि भोजन को इस तरह से अलग- अलग पते के हिसाब से पैक किया जाता है..फिर अलग- अलग कुरियर बॉय के जरिये मुम्बई में मीरा रोड से लेकर माहिम तक पंहुचाया जाता है. 200 रुपये प्रति थाली के हिसाब से एक दिन का खर्चा 80 हजार रुपये भोजन का और 20 हजार रुपये कुरियर के..मतलब एक लाख रुपये रोज का खर्चा है.

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राजीव सिंघल ने कहा कि हम किसी से मांगते नहीं है , कपड़ा व्यापारी और संस्था से पैसा आ जाता है. अपने लिए तो सभी जीते हैं जो दूसरों के लिए जिये वही सच्चा इंसान है...कोविड के संकट में राजीव सिंघल ऐसे एक मददगार के रूप में उभर कर आये हैं. 

कोरोना काल में राजीव सिंघल रोज 200 लोगों को पहुंचा रहे हैं मुफ्त खाना

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