अशोक गहलोत ने राजस्थान से BSP को कर दिया 'गायब', बीजेपी 'ढूंढ़ने' के लिए पहुंची कोर्ट

एक ओर जहां सचिन पायलट और बागी विधायकों का मुद्दा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. वहीं राजस्थान में अब बीजेपी के एक विधायक उस बीएसपी को ढूंढने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे जिसे सीएम अशोक गहलोत ने 'गायब' कर दिया था.

अशोक गहलोत ने राजस्थान से BSP को कर दिया 'गायब', बीजेपी 'ढूंढ़ने' के लिए पहुंची कोर्ट

BSP के 6 विधायक एक साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

नई दिल्ली :

एक ओर जहां सचिन पायलट और बागी विधायकों का मुद्दा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. वहीं राजस्थान में अब बीजेपी के एक विधायक उस बीएसपी को ढूंढने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे जिसे सीएम अशोक गहलोत ने 'गायब' कर दिया था. दरअसल राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीएसपी के 6 विधायक जीते थे और जो बहुमत के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस के लिए मददगार साबित हुए और बाहर से समर्थन के दिया. लेकिन एक अहम घटना में सभी बीएसपी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए. क्योंकि सभी विधायक शामिल हुए थे इसलिए उनके ऊपर दलबदल कानून भी लागू नहीं हुआ. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल 18 सितंबर को एक आदेश पारित किया था जिसमें घोषणा की गई थी कि छह विधायकों को कांग्रेस का अभिन्न अंग माना जाएगा. इस तरह बीएसपी राजस्थान से पूरी तरह गायब हो गई. 

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विधायकों टूटकर कांग्रेस में शामिल होने की बात से बीएसपी सुप्रीमो मायावती बहुत नाराज हुईं और उन्होंने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी कह डाला था और इसी के बाद से ही बीएसपी और कांग्रेस के संबंध और ज्यादा बिगड़ गए. लेकिन अब बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट याचिका देते हुए अपील की है कि बीएसपी के इन 6 विधायकों के कांग्रेस के साथ हुए विलय को रद्द किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की भी भूमिका पर सवाल उठाए हैं. बीजेपी विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से उस समय बीएसपी विधायकों को अयोग्य ठहराने का अनुरोध किया था लेकिन उन्होने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया. 

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कोर्ट ने फिलहाल बीजेपी विधायक की इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 14 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष की ओर से भेजे गए बागी विधायकों को नोटिस पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. तो दूसरी ओर से सीएम अशोक गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाने का ऐलान किया है. उनका दावा है कि उनके पास बहुमत है. ऐसे में बीजेपी विधायक की ओर से दी गई ये याचिका काफी अहम है.  (इनपुट भाषा से भी)

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