कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर करने के लिए सोमवार को सूरत की एक अदालत में मौजूद रहेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी वाद्रा, कांग्रेस शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य राष्ट्रीय नेता और राज्य इकाइयों के नेता अदालत तक उनके साथ जा सकते हैं.
हालांकि, सपरिवार राहुल गांधी के सूरत पहुंचने की खबर से बीजेपी खफा है.पार्टी नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने पीसी कर राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले तो अपने बयानों से ओबीसी समाज का अपमान किया और अब वो सूरत में पूरे परिवार और पार्टी नेता के साथ पहुंच कर नौटंकी करना चाह रहे हैं.
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संबित पात्रा ने पीसी कर कहा , " वहां पर उन्हें (परिजनों और पार्टी नेता) लेकर जाने का क्या मतलब है. ये आपकी दुष्टता है. आप जले में घी डालने का काम कर रहे हैं. सूरत में ऐसा प्रदर्शन करके आप ओबीसी की भावनाओं को आहत करने जा रहे हैं. राहुल गांधी और उनके परिवार को कोर्ट ने माफी मांगने का मौका दिया था. उन्होंने कहा कि वो माफी नहीं मागेंगे. "
उन्होंने कहा, " वे कहते हैं राहुल माफी नहीं मांगता. अरे राहुल गांधी ही तो हैं. राहुल और रिस्पॉसब्लिटी कांन्ट गो टुगेदर (राहुल और जिम्मेदारी एक साथ नहीं आ सकते). जैसे आपने राफेल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के कहने पर काम पकड़ कर माफी मांगी थी, वैसे ही माफी मांगते. लेकिन उन्हें लोगों की भावनाओं को आहत करना था."
उन्होंने सवाल किया, " ओबीसी के लिए ऐसा नफरत क्यों ? आपको न्यायपालिका के प्रति इतनी घृणा क्यों हैं ? लोकतंत्र के प्रति भावना क्यों हैं ? जब इस मामले में दोषी करार दिया तो भी आपने उसका अपमान किया. विदेशों में एजेंट को बयान जारी करने के लिए रखा है. कार्रवाई कानून के तहत हुई है. लेकिन बयानबाजी करनी है तो करेगे. राहुल गांधी देश और देश राहुल गांधी नहीं हैं."
संबित पात्रा ने कहा, " गांधी परिवार के लिए देश का कानून अलग क्यों होगा. ये लोग किस प्रकार की भावना रखते हैं. कांग्रेस के अंदर दो मानदंड हैं. नरसिम्हा राव के मामले में क्या कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया दी थी? क्या उनका साथ दिया ? लेकिन परिवार के लोगों पर कार्रवाई होने पर विरोध शुरू हो गया है. अन्य नेताओं पर कार्रवाई होने पर ये कोई विरोध नहीं करते. ऐसा इसलिए क्य़ोंकि वे परिवार के सदस्य नहीं हैं. केवल अपनी परिवार के बारे में सोचते है. इनका मानना है कि ये देश से ऊपर हैं. अजय कुमार लल्लू को सजा हुई मानहानी के केस में. तभी आपने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी."
उन्होंने कहा, " बीजेपी कहती है आप ओबीसी को टेकेन फॉर ग्रांटेड नहीं ले सकते. आप उन्हें अपमानित नहीं कर सकते. देश बदल चुका है. ट्राइबल महिला देश की राष्ट्रपति हैं. ओबीसी वर्ग से आने वाला शख्स प्रधानमंत्री हैं. कैबिनेट में कई ओबीसी मंत्री हैं."
इधर, कानून मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी अपील दायर करने सूरत जा रहे हैं. अपील दायर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जाने के लिए एक दोषी की आवश्यकता नहीं है. आमतौर पर कोई भी अपराधी व्यक्तिगत रूप से नहीं जाता है. नेताओं और सहयोगियों के एक प्रेरक समूह के साथ उनका व्यक्तिगत रूप से जाना केवल एक नाटक है. राहुल गांधी जो कर रहे हैं वो अपीलीय अदालत पर दबाव बनाने की बचकानी कोशिश है. देश की सभी अदालतें ऐसे हथकंडों से अछूती हैं.
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