लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जाति जनगणना में ओबीसी कैटेगरी न होने को लेकर सवाल उठाए हैं. दोनों कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और खरगे ने पीएम मोदी को इस मुद्दे पर चिट्ठी लिखी है. देश में अभी जनगणना का दूसरा चक्र चल रहा है. इसमें लोगों से 40 सवाल पूछे जा रहे हैं. इसमें जातिवार ब्योरा भी शामिल है. किसी भी शख्स से यह पूछा जाता है कि अगर वो हिन्दू है तो सामान्य, एससी-एसटी में क्या है, हालांकि इमसे ओबीसी वर्गीकरण नहीं है.
जाति जनगणना के लिए ड्रॉप डाउन सूची नहीं
विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार ने जनगणना में जाति दर्ज करने के लिए खुले सवालों का तरीका चुनना भ्रामक है. इसमें जो व्यक्ति अपनी जाति का जो नाम बताएगा, वही दर्ज कर लिया जाएगा.भारत में एक ही जाति अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और उपजातियों के आधार पर विभिन्न नामों से जानी जाती है. अगर ड्रॉप डाउन सूची के बिना जनगणना होगी तो एक ही जाति हजारों अलग-अलग नामों में बंट जाएगी. देश भर में लाखों जातियों के नाम दर्ज हो जाएंगे. इससे जाति जनगणना का पूरा डेटा काम का नहीं रह जाएगा. इससे पिछड़े, अति पिछड़े और वंचित वर्गों की सही आकलन नहीं हो पाएगा. सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं को लागू करने पर बुरा असर पड़ेगा. OBC की सही आबादी का पता भी नहीं चल पाएगा, क्योंकि इस प्रणाली में पिछड़ा वर्ग शब्द की स्पष्ट व्याख्या शामिल नहीं है.
ड्रॉप डाउन लिस्ट तैयार की जाए
खरगे और पीएम मोदी ने सुझाव दिया है कि जनगणना में जातियों की एक ड्रॉप डाउन लिस्ट तैयार की जाए. ऐसा ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की गणना में किया जाता है. यह सूची सरकारी सूचियों जैसे सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग सूची और भारतीय मानवशास्त्र सर्वेक्षण के आधार पर आसानी से तैयार की जाती है. इसमें तेलंगाना और बिहार सरकार के जाति सर्वेक्षणों में भी ड्रॉप डाउन सूची का उदाहरण दिया है.
विपक्षी नेताओं ने मौजूदा प्रश्नावली को रद्द करने की मांग पीएम मोदी से की है. उन्होंने सरकार से सभी राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से विचार-विमर्श करके एक नई और सटीक प्रश्नावली तैयार करने का अनुरोध किया है, ताकि जनगणना व्यावहारिक और पारदर्शी हो सके.
तेलंगाना और बिहार जाति सर्वेक्षण का उदाहरण
तेलंगाना सरकार के योजना विभाग की जारी गणना पुस्तिका में SC, ST, OBC के साथ अन्य जातियों के लिए स्पष्ट कोड और ड्रॉप डाउन सूची तैयार की गई थी. इसमें 2024 में जातियों का अलग-अलग ब्योरा वर्गीकृत हो गया. बिहार सरकार ने 215 जातियों की कोड सूची जनगणना के लिए लाई गई.इसमें जाति के विवरण के साथ इसमें प्रत्येक जाति को एक निश्चित नंबर/कोड दिया गया था.
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