
लोकपाल बिल के मामले पर कांग्रेस के खिलाफ अपना रुख नरम करते प्रतीत हो रहे अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल को लेकर राहुल गांधी की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है और इसके जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा है कि वह हजारे के समर्थन के लिए उनके आभारी हैं।
अन्ना हजारे और राहुल गांधी के एक-दूसरे को लिखे गए पत्रों को कांग्रेस ने मंगलवार को जारी किया। हजारे ने राहुल गांधी को लिखे अपने पत्र में कहा, मैं संसद में लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक पारित कराने के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का स्वागत करता हूं। मेरा अनुरोध है कि विधेयक पर प्रवर समिति ने जिन बिंदुओं का समर्थन और सिफारिश की है उन्हें भी इसमें शामिल किया जाए।
हजारे ने कहा, ये बिंदु उन सभी राजनीतिक दलों की सर्वसम्मति से तय किए गए हैं, जो प्रवर समिति का हिस्सा हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि यदि संसद प्रवर समिति की सिफारिशों के अलावा भी इसमें और प्रभावी बिंदु शामिल करके इस कानून को और मजबूत बनाने की कोशिश करती है, तो यह लोगों के हित में होगा। हजारे ने पत्र में लिखा, देश के लोग सक्षम लोकपाल का इंतजार कर रहे हैं। इस पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कार्मिक राज्य मंत्री वी नारायणसामी और राज्यसभा की प्रवर समिति के अध्यक्ष को भी भेजी गई हैं।
राहुल ने अन्ना के पत्र का जवाब देते हुए उनका धन्यवाद किया। गांधीवादी समाजसेवी को 'प्रिय' अन्ना हजारे के रूप में संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि इस पत्र से उन्हें बहुत प्रोत्साहन मिला है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा, हम सभी देश के लोगों को जितनी संभव हो सके, उतनी सक्षम और मजबूत लोकपाल प्रणाली मुहैया कराने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इस काम में हम आपकी भूमिका का सम्मान करते हैं और इस समर्थन के लिए हम आपके बहुत आभारी हैं।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने इस गतिविधि का स्वागत करते हुए कहा, राहुल ने अपने पत्र में कहा है कि वह लोकपाल मामले पर हजारे की भूमिका की प्रशंसा करते हैं। वह संसदीय मामलों के मंत्रालय और अन्य मंत्रालयों से इस संबंध में लगातार संपर्क में हैं, ताकि यह विधेयक संसद में आसानी से और अति शीघ्र पारित हो जाए।
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