डिग्री सिर्फ नौकरी दिलवाती है. समझदारी सारी दुनिया जितवा देती है. यह शब्द जिस श्री राम अघोरी बाबा ने अपनी फेसबुक पर लिखे हुए हैं. उसी के खिलाफ SOG की रिपोर्ट के आधार पर डमी कैंडिडेट बिठाकर RAC कांस्टेबल की नौकरी हासिल करने का मामला दर्ज हुआ है और पुलिस ने 15 साल पुराने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. रिपोर्ट के आधार पर आरएसी कांस्टेबल भर्ती-2010-11 में डमी अभ्यर्थी से लिखित परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है, जोकि 2024 तक नवीं बटालियन आरएसी, टोंक में तैनात कांस्टेबल श्रीराम मीणा से जुड़ा है. अभी आरोपी कांस्टेबल अघोरी बाबा का वेश धारण कर राजस्थान में टोंक जिले के कांटोली गांव में रहता है और फ़ेसबुक पर उसकी कई पोस्ट मौजूद है, जिसमें वह कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के साथ अपनी फोटो डालता रहता है.
2011 में हुई थी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
थाना कोतवाली के थानाधिकारी भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि जनवरी 2011 में टोंक कोतवाली इलाके के परीक्षा सेंटर पर अपनी जगह पर डमी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाकर RAC कांस्टेबल बनने का मामला पता चला. आरोपी ने 2 जुलाई 2011 को चयनित होने पर बटालियन मुख्यालय टोंक में आवश्यक घोषणा-पत्र और दस्तावेज प्रस्तुत किए और 18 जुलाई 2014 से आरएसी कांस्टेबल की नौकरी करते हुए वेतन व अन्य भत्तों का लाभ लिया.
डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलाने पर FIR के निर्देश
एसओजी की जांच में डमी अभ्यर्थी से लिखित परीक्षा दिलाने के आरोप सही पाए गए. इसके बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए. हालांकि इससे पहले प्रारंभिक स्तर पर आरोप के बिंदुओं को लेकर स्पष्टता नहीं होने से पुलिस और आरएसी मुख्यालय के बीच पत्राचार हुआ. बाद में एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक कार्यालय ने 24 जून 2026 को जारी मार्गदर्शन में डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलाने के आरोप पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए, इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

श्री राम अघोरी बाबा
टोंक के किसी गांव में घूम रहा फर्जी कांस्टेबल
जानकारी के मुताबिक, RAC कांस्टेबल पद से स्वेच्छा से गैरहाजिर होने के बाद आरोपी टोंक जिले के किसी गांव में साधु के वेश में घूम रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है. उसके मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों और डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने के पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की गहन पूछताछ की जाएगी. साथ ही यह भी जांच होगी कि भर्ती फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं थी. 2010-11 की आरएसी कांस्टेबल भर्ती की 23 जनवरी 2011 को बाल निकेतन उच्च सीनीयर सैकेंडरी स्कूल में परीक्षा आयोजित हुई थी.
2 साल से लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर
श्री राम मीणा नाम के अभ्यर्थी की भी परीक्षा इसी सेंटर पर थी. आरोप है कि श्रीराम मीणा ने खुद परीक्षा देने बजाय अपनी जगह डमी केंडिडेट (अभ्यर्थी) को बैठाया और फर्जीवाड़े से परीक्षा पास करके RAC कांस्टेबल बना. एसओजी में शिकायत पहुंचने पर विभागीय व प्राथमिक जांच हुई, उसके बाद एफआईआर दर्ज कराई. थानाधिकारी वैष्णव ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल श्रीराम मीणा 18 जुलाई 2014 से आरएसी में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था और नियमित रूप से वेतन-भत्ते हासिल करता रहा. लेकिन 14 सितंबर 2024 से वह बिना अनुमति लगातार स्वेच्छापूर्वक ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है. इस कारण उसके खिलाफ राजस्थान सेवा नियमों के तहत 16 सीसीए के तहत विभागीय कार्रवाई भी जारी है, वही परीक्षा में अपनी जगह डमी केंडिडेट बैठाने के आरोप पर मामला दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
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