पंजाब के मानसा में ड्रग के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा की हत्या के तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के इंतजार में है. झोटा का परिवार अड़ गया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. घटना के बाद से ही परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा शहर के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखा है.
मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता झोटा की मंगलवार को मानसा के भीड़भाड़ वाले बाजार में एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वे बुजुर्ग को नशीली दवा बेचने के मामले में उससे पूछताछ कर रहे थे. मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का वादा किया है. लेकिन विपक्षी नेता राज्य में ‘‘जंगलराज'' का आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. पंजाब में कुछ महीने में चुनाव होने हैं इससे भी ये मामला और ज्यादा गरमा गया है.
परिवार की मांगें क्या हैं?
झोटा की हत्या के बाद कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त कार्य समिति बनाई है. समिति और झोटा के परिवार की मांग है कि इस घटना के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव इस्तीफा दें.
उनकी मांगों में मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करना और जांच सीबीआई को सौंपना भी शामिल है.
अमित शाह ने कहा- पंजाब से मांगेंगे जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार झोटा की हत्या और पिछले महीने गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगेगी. गुलजार सिंह ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर एक मंत्री से सवाल किया था.

पंजाब सरकार पर हावी विपक्ष
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को कार्यकर्ता के परिवार से अलग-अलग मुलाकात की.
झोटा के परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने मान के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थ की समस्या पर रोक लगाना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन यह सरकार ऐसा करने में पूरी तरह विफल रही है.''
अकाल तख्त ने की अरदास
ज्ञानी गड़गज्ज ने झोटा की स्मृति में अरदास की. सिखों के सर्वोच्च धार्मिक संस्थान अकाल तख्त के जत्थेदार ने अरदास के दौरान कहा कि पंजाब के युवा नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन का शिकार हो रहे हैं, जबकि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी गोलियों से मारा जा रहा है. भाई परविंदर सिंह झोटा ने नशे की समस्या के खिलाफ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की है.
हरसिमरत कौर बादल ने पत्रकारों से कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता के परिवार के साथ खड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में मादक पदार्थ की समस्या बढ़ी है.
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