प्रशांत किशोर ने बांकीपुर सीट से जीत के बाद मीडिया से बात की है. उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में बांकीपुर में आपको बदलाव दिखेगा. मेरी कोशिश होगी कि अगले एक से दो वर्षों में बांकीपुर को आदर्श विधानसभा के तौर पर रखा जाए. इससे बिहार के बाकी 242 विधायकों पर भी दबाव बनेगा. मुझे यदि कोई पैमाना तय करना है तो और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है. मेरे दरवाजे उन सभी लोगों के लिए खुले हैं, जिन्हें लगता है कि पीके और जनसुराज उनकी कुछ मदद कर सकते हैं.
जन सुराज के नेता ने कहा कि हम बिहार के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे. जिन्हें लगता है कि बिहार में बदलाव नहीं हो सकता, वे सभी यहां आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम अगले तीन से 4 साल खूब काम करेंगे. जनता के बीच संदेश जाएगा कि हम क्या कर सकते हैं. इससे पहले भी एक बार वह काउंटिंग के बीच मीडिया के सामने आए थे. तब उन्होंने 5 अहम बातें कहीं थीं-
1. 30 सालों का गढ़ सिर्फ 30 दिनों में ढह गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बिहार के लोग अब 5 किलो राशन और जाति से ऊपर उठकर सोचना चाहते हैं.
2. भाजपा को लोगों ने बहुमत दिया है. अब उसकी जिम्मेदारी है कि राज्य में ऐसा मुख्यमंत्री दे, जिसकी छवि अच्छी हो. उसका आपराधिक बैकग्राउंड न हो.
3. इस चुनाव नतीजे से बांकीपुर बेंगलुरु नहीं बनेगा, लेकिन अगले 2 से तीन महीने में बदलाव दिखने लगेगा.
4. गुजरात के लोग एक लाख करोड़ की बुलेट से चलेंगे और बिहार के लोग मजदूरी के लिए बाहर जाएंगे. ऐसा कब तक चलता रहेगा. इस स्थिति में बदलाव होना चाहिए.
5. यह विधायक बनाने का चुनाव नहीं है. भाजपा के नेतृत्व को संदेश देने का प्रयास है कि बिहार में किसी अच्छे नेता को सीएम बनाएं. खराब चाल, चरित्र और चेहरा वाले नेता को सीएम न बनाया जाए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं