New Delhi: भारत को 2047 तक 'विकसित' बनाने का सपना तभी पूरा होगा, जब हमारे युवा नशे से पूरी तरह दूर रहेंगे. इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को देश के सबसे बड़े 'नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान' की शुरुआत करने जा रहे हैं. खेल और युवा मंत्रालय के मुताबिक, यह कोई आम सरकारी इवेंट नहीं, बल्कि युवाओं का, युवाओं के लिए एक बड़ा जनआंदोलन बनेगा.
एक दिन, 10 हजार केंद्र और 1 करोड़ युवा
इस अभियान की भव्यता का अंदाजा इसी से लगता है कि 2 अगस्त को देशभर के 10,000 से ज्यादा केंद्र वर्चुअली एक साथ जुड़ेंगे. इसी दिन प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 1 करोड़ से ज्यादा युवा नशा छोड़ने की कसम खाएंगे. शपथ लेने के बाद ये सभी युवा 'नशा मुक्त स्वयंसेवक' के तौर पर खुद को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करेंगे. इस मुहिम को गांव-गांव और हर घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी 'माय भारत' के युवाओं के कंधों पर है. उनके साथ एनएसएस (NSS), स्कूल-कॉलेज, यूथ क्लब, एनजीओ और 125 से ज्यादा आध्यात्मिक संगठन भी इस महाअभियान का अहम हिस्सा बनेंगे.
एक दिन का शोर नहीं, 100 हफ्ते का अभियान
अक्सर ऐसे कार्यक्रम एक दिन बाद भुला दिए जाते हैं, लेकिन इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत इसका लगातार चलते रहना है. यह जनआंदोलन पूरे 100 हफ्ते (करीब दो साल) तक बिना रुके चलेगा. योजना के मुताबिक, आने वाले 100 हफ्तों तक हर रविवार को देशभर में कुछ न कुछ रचनात्मक गतिविधियां होंगी. जैसे- स्पोर्ट्स और वॉकथॉन, नुक्कड़ नाटक और आर्ट कॉम्पिटिशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेडिटेशन सेशन. इन सबका सीधा मकसद युवाओं की भरपूर ऊर्जा को खाली न छोड़कर उसे राष्ट्र निर्माण में लगाना है.
बेहतरीन काम करने वालों को मिलेगा सम्मान
इतने लंबे सफर में जो भी स्वयंसेवक या संस्थाएं ग्राउंड पर बेहतरीन काम करेंगी, सरकार उन्हें प्रोत्साहित भी करेगी. अभियान के 50वें, 75वें और 100वें हफ्ते के अहम पड़ावों पर ऐसे लोगों को खास तौर पर सम्मानित किया जाएगा.
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