ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री को इलाके में हुए हाल के डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी. पीएम मोदी ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुए समझौते का स्वागत किया और भारत के लंबे समय से चले आ रहे इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने इलाके में हमेशा के लिए शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी की सुरक्षा के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत पर जोर दिया है.
Spoke with the President of Iran, Dr. Masoud Pezeshkian, on the recent developments in West Asia. Welcomed the progress made in the negotiations and expressed hope that continued efforts will lead to lasting peace in the region. Reiterated the importance of freedom of navigation…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2026
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "वेस्ट एशिया में हाल के डेवलपमेंट पर ईरान के प्रेसिडेंट डॉ. मसूद पेजेशकियान से बात की. बातचीत में हुई प्रोग्रेस का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लगातार कोशिशों से इस इलाके में हमेशा के लिए शांति आएगी. भारत और दुनिया के लिए होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन की आजादी की अहमियत को दोहराया."
मध्य पूर्व में जंग होने के बाद से ही भारत न्यूट्रल रुख अपना रहा है और लगातार सभी देशों से संयम बरतने और इस मामले में डिप्लोमेसी अपनाने को कहा है. भारत ने हमेशा आम लोगों की सुरक्षा, इलाके की स्थिरता और जरूरी समुद्री रास्तों से इंटरनेशनल बिजनेस और एनर्जी सप्लाई के बिना रुकावट आने पर जोर दिया है.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की अनिश्चिता खत्म नहीं हो रही है. ट्रंप ने कहा था कि ईरान और अमेरिका के अधिकारी 30 जून को कतर में आपस में बात करेंगे. लेकिन ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है. ईरान ने कहा है कि दोनों देश कतर में ऐसी कोई मुलाकात नहीं कर रहे हैं जिसमें किसी भी तरह की बातचीत के संकेत हों.
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