- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व में भाग लेकर मंदिर में पूजा-अर्चना की
- पीएम मोदी ने सोमनाथ के इतिहास को विजय और पुनर्निमाण का उदाहरण बताया
- पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर 1000 साल बाद भी ध्वजा फहराना भारतीय शक्ति और साहस का प्रतीक है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व' में उन्होंने हिस्सा लिया. शौर्य यात्रा में और मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है. हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है. आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा, इतनी सदियों का संघर्ष, इतना महान धैर्य, सृजन और पुनर्निमाण का यह जीवट, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है.
पवित्र श्री सोमनाथ मंदिर में इस महापर्व का सहभागी बनना मेरे जीवन का अविस्मरणीय और अमूल्य क्षण है- PM मोदी #PMModi | #SomnathMandir pic.twitter.com/2QUMX54F1Q
— NDTV India (@ndtvindia) January 11, 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा?... अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है... यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है..."
इस आयोजन में गर्व, गरिमा, गौरव है. इसमें गरिमा का ज्ञान, वैभव की विरासत, अध्यात्म की अनुभूति है. इसमें अनुभव है, आनंद है, आत्मीयता है और सबसे बढ़कर महादेव का आशीर्वाद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह समय अद्भुत है, यह वातावरण अद्भुत है, यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है. मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है."
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