प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के दौरे पर हैं. मंगलवार को वह फ्रांस के एवियां में आयोजित 'G7 शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेंगे. जिसमें एआई पर भी चर्चा होनी है. पीएम मोदी के विदेश दौरे का यह आखिरी पड़ाव होगा. एवियन पहुंचने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उनका स्वागत करेंगे. G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी यूके, कनाडा और यूएई के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे. 17 जून को पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होगी. ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा अहम माना जा रहा है.
इंटरनेशनल एकजुटता पर फोकस
फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन की थीम 'नई पार्टनरशिप बनाना और इंटरनेशनल एकजुटता को फिर से बनाना' रखी गई है. जिसमें G7 देशों के नेता, पार्टनर देश और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक समेत खास इंटरनेशनल संस्थानों के प्रतिनिधि एवियन पहुंच चुके हैं. सभी देशों के बीच इंटरनेशनल सहयोग को मजबूत करने. ग्लोबल आर्थिक चुनौतियों से निपटने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर बढ़ावा देने पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा. पीएम मोदी इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूके प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भई मीटिंग करेंगे. तीनों देशों के साथ होने वाली यह मीटिंग भी अहम होगी.
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17 जून पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात
जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी 17 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे. व्हाइट हाउस की तरफ से दोनों नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात पर मुहर गलग चुकी है. यह एक बाइलेटरल मीटिंग होगी. US एडमिनिस्ट्रेशन के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक दोनों नेताओं से एक प्रस्तावित इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत में हो रही प्रोग्रेस का रिव्यू करने की उम्मीद है. जो भारत और अमेरिका के लिए अहम है. दोनों नेताओं के बीच लंबे समय बाद मुलाकात होने वाली है. जिस पर सभी की नजरें होगी.
सातवीं बार समिट में शामिल हो रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवीं बार G7 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. वह फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बुलावे पर एवियन शहर का दौरा करेंगे. जहां मैक्रों की तरफ से गाला में आयोजित किए गए डिनर में भी शामिल होंगे. जी7 समिट में भारत का हिस्सा लेना ग्लोबल मामलों में उसके बढ़ते असर और बड़े इंटरनेशनल मुद्दों पर बातचीत को दिशा देने में उसकी बढ़ती भूमिका को दिखाता है. भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि जी7 समिट में भारत का रेगुलर हिस्सा लेना, शांति, सुरक्षा, विकास और एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी ग्लोबल चुनौतियों से निपटने में भारत की भूमिका और योगदान की बढ़ती पहचान को दिखाता है.
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