INDIA EU Trade Deal News: भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच महाडील पर मंगलवार को मुहर लग गई. दोनों देशों ने लंबी चर्चा के बाद मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. अमेरिका के टैरिफ टेंशन के बीच ये ट्रेड डील भारत और यूरोपीय संघ के लिए बेहद अहम है. नई दिल्ली हैदराबाद हाउस में हुए इस ऐतिहासिक समझौते को मदर ऑफ ऑल डील्स यानी सबसे बड़ा व्यापारिक सौदा बताया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि यह वही क्षण है, जो बड़े बदलाव का संकेत देती है. उन्होंने कहा कि दुनिया में यह मुक्त व्यापार समझौता निर्णायक साबित होगा. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मौजदूगी में इस ट्रेड पर दस्तखत हुए.
पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल ऑर्डर में काफी उथल पुथल और ऐसे में भारत और ईयू की साझेदारी अंतरराष्ट्रीय सिस्टम में स्थिरता को मजबूती देगी. हमने यूक्रेन, पश्चिम एशिया समेत कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की. ग्लोबल संस्थान में सुधार जरूरी है. जब इतिहास स्वयं कहता है कि यहीं से दिशा बदलेगी. यहीं से एक नया युग शुरू हुआ. भारत की और ईयू की यह ऐतिहासिक समिट वही क्षण है, इस अभूतपूर्व यात्रा के लिए भारत के प्रति आपकी मित्रता के लिए हमारे साझा भविष्य के प्रति आपका हार्दिक धन्यवाद करता हूं.
ट्रेड डील में खास क्या-क्या
- यूरोपीय संघ के सर्जिकल उपकरणों से टैरिफ हटेगा
- शराब पर टैक्स 150 फीसदी से घटकर 20 फीसदी आएगा
- 97 फीसदी सामानों पर शुल्क खत्म होगा
- घटकर 10% तक आएगा कारों पर टैक्स
सस्ती होंगी प्रीमियम कारें
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील में ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात करें तो भारत धीरे-धीरे यूरोपीय कारों पर टैरिफ घटाकर 10 फीसदी पर लाएगा.इस बदलाव के दौरान सालाना ढाई लाख वाहनों का कोटा लागू रहेगा. यूरोपीय संघ का कहना है कि इससे भारत के प्रीमियम कार बाजार में नई जान आएगी.
मशीनरी और दवाओं पर शुल्क घटेगा
भारत में प्रवेश करने वाले 90 फीसदी से अधिक यूरोपीय संघ के सामानों पर शुल्क समाप्त या कम कर दिए जाएंगे. यूरोपीय संघ को उम्मीद है कि इस समझौते से 2032 तक भारत को यूरोपीय संघ का निर्यात दोगुना हो जाएगा और शुल्क में सालाना 4 अरब यूरो तक की बचत होगी. मशीनरी पर अभी में 44% तक, रसायनों पर 22% तक और दवाओं पर लगभग 11% तक शुल्क लगता है, उनमें से अधिकांश शुल्क समाप्त कर दिए जाएंगे.

PM Modi on EU FTA
भारत और यूरोपीय संघ की ताकत
- 25 फीसदी ट्रेड दुनिया का भारत और ईयू में
- 200 करोड़ आबादी दोनों की
- 8 लाख भारतीय यूरोपीय संघ में
- 100 बिलियन यूरो का व्यापार दोनों देशों में
मेडिकल उपकरण सस्ते होंगे
विमान और अंतरिक्ष यान पर लगभग पूरी तरह से टैरिफ हटा दिए जाएंगे. सभी तरह के रसायनों पर टैरिफ खत्म कर दिए जाएंगे. ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जरी के उपकरणों पर 90% उत्पादों से टैरिफ हटा दिए जाएंगे. इससे भारत में अस्पतालों और क्लीनिक में इलाज सस्ता हो सकता है. इस डील से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की विदेशी दवाएं और आधुनिक मेडिकल मशीनरी सस्ती होंगी. भारत की सस्ती जेनेरिक दवाओं के लिए 27 देशों के बाजार खुल जाएंगे.
यूरोपीय वाइन सस्ती होंगी
खाद्य और पेय पदार्थों में भी टैरिफ घटेगा. यूरोपीय वाइन पर टैरिफ घटाकर 20-30%, स्पिरिट पर 40% और बीयर पर 50% करेगा. यूरोपीय यूनियन से आयात किए गए जैतून तेल, वनस्पति तेल और मार्जरीन पर टैरिफ कम या शून्य किए जाएंगे. यूरोपीय संघ ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और जलवायु अनुकूल निवेश को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अगले दो साल में 50 करोड़ यूरो देने का भी वादा किया है.
18 साल लंबी चर्चा व्यापार समझौते पर
दोनों पक्षों में 18 साल लंबी चर्चा के बाद ये ट्रेड डील हुई है. यूरोपीय संघ और भारत ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए पहली बार 2007 में बातचीत शुरू की थी, लेकिन 2013 में वार्ता स्थगित हो गई थी. जून 2022 में बातचीत फिर से शुरू हुई. यूरोपीय संघ उत्पादों के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब डॉलर का था. इसमें निर्यात लगभग 76 अरब डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर था. भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं.
भारत ईयू का व्यापार 118 अरब डॉलर
पीएम मोदी ने कहा, अपने दो करीबी मित्रों का भारत यात्रा में स्वागत करते हुए उन्हें खुशी हो रही है. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा अपनी सरल जीवन शैली और समाज के प्रति के आधार पर लिस्बन के गांधी के नाम पर जाने जाते हैं. यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सला वेन डेयेर लेयेन जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री ईयू की पहली महिला प्रेसिडेंट बनकर पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं. 26 जनवरी को एक ऐतिहासिक क्षण जब यूरोपीय यूनियन के नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे.विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां अपने सबंधों में एक निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक रिश्ते और मजबूत जन संबंधों से हमारे संबंध नई ऊंचायों तक पहुंच रही है.हमारे बीच 118 अरब डॉलर का ट्रेड है.
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