पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित रेप के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. अब FSL के आधिकारिक सूत्रों से मिली बड़ी खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है. सूत्रों के मुताबिक, छात्रा के अंडरगारमेंट पर पाया गया स्पर्म 18 से 21 वर्ष के युवक का है. यह महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद SIT ने इस उम्र वर्ग के उन युवकों की तलाश तेज कर दी है जो मृतका के करीबी थे या हॉस्टल से जुड़े हुए थे.
SIT की छापेमारी से मिले नए सुराग
जांच को आगे बढ़ाते हुए SIT की टीम बुधवार को हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के पैतृक गांव जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के खरका गांव पहुंची. टीम ने मनीष रंजन के घर के सभी कमरों की तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त की. चार घंटे चली इस छापेमारी में पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की.

जांच में सामने आया है कि मनीष रंजन 5 जनवरी को अपने गांव से पटना गया था, यानी उसी दिन जब NEET छात्रा भी ट्रेन से पटना पहुंची थी. पुलिस मनीष की गतिविधियों, उसकी आवाजाही और उससे जुड़े लोगों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है.
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मनीष के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है और उसके कई सफेदपोश लोगों से घनिष्ठ संबंध भी बताए जा रहे हैं.
परिवार को SIT पर नहीं भरोसा, डिप्टी सीएम से मिलने के बाद भी गुस्सा बरकरार
मंगलवार शाम बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया. लेकिन परिजनों का आक्रोश अब भी शांत नहीं हुआ है. पीड़िता के पिता का कहना है कि SIT सही दिशा में जांच नहीं कर रही है. गर्ल्स हॉस्टल संचालक, अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस सभी इस मामले के जिम्मेदार हैं. उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर न्याय नहीं मिला तो मैं अपने प्राण त्याग दूंगा.'
पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस रात 12–1 बजे ब्लड सैंपल लेने पहुंच रही है. परिजनों और रिश्तेदारों को धमकाया और परेशान किया जा रहा है. पुलिस अपनी मनमर्जी की थ्योरी गढ़ने की कोशिश कर रही है. रोते हुए मां ने कहा कि डिप्टी सीएम के आश्वासन के बावजूद उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है. 'जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, हम किसी भी आश्वासन पर विश्वास नहीं करेंगे.'
जांच के कई मोर्चों पर काम जारी
- SIT विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
- परिजनों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं.
- FSL रिपोर्ट के बाद जांच ज्यादा केंद्रित हो गई है.
- राजनीतिक हलचल भी तेज है, कई नेता पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं.
क्या नया मोड़ आएगा?
FSL की नई रिपोर्ट के बाद SIT अब उस 18–21 वर्ष के युवक की तलाश तेज कर चुकी है, जिससे घटना की कड़ियां जुड़ सकती हैं.डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद भी परिवार की नाराज़गी और पुलिस पर उठ रहे सवाल इस केस को और संवेदनशील बना रहे हैं.
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