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गाजा में गुड़िया का 'जनाजा' निकाल रहे बच्चे, जिसने VIDEO देखा दहल गया

अक्टूबर 2023 से जनवरी 2025 तक गाजा में युद्ध में 75 हजार से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें आधे से अधिक बच्चे और बुजुर्ग थे.

गाजा में गुड़िया का 'जनाजा' निकाल रहे बच्चे, जिसने VIDEO देखा दहल गया

गाजा में विस्थापित शिविर में रहने वाले छोटे बच्चों का एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में नन्हें मासूम एक गुड़िया को कंधा दे रहे हैं. यह वीडियो उस कड़वी हकीकत का आईना है जिसे गाजा के बच्चे हर रोज जी रहे हैं.  इस वीडियो में पांच छोटे बच्चे एक जनाजा निकालते नजर आ रहे हैं. उनके नन्हें हाथों में एक छोटा अस्थायी स्ट्रेचर है और उस पर कोई इंसान नहीं, बल्कि एक गुड़िया (Doll) रखी है.

दरअसल ये बच्चे खेल नहीं रहे, बल्कि उस मंजर की नकल कर रहे हैं जो वह आए दिन अपने आसपास देखते हैं. जिस उम्र में बच्चों के हाथों में खिलौने और आंखों में सपने होने चाहिए, वहां मौत और जनाजा उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गई है.

खेल के मैदानों में पसरा मातम

गाजा में अब लुका-छिपी या खिलौना कारों से खेलने का वक्त खत्म हो चुका है. वहां के बच्चों के लिए 'जनाजा' निकालना ही अब उनका नया खेल बन गया है क्योंकि उन्होंने अपने चारों ओर सिर्फ यही देखा है.

अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद शुरू हुए दो साल के भीषण संघर्ष के बाद गाजा फिलहाल एक नाजुक संघर्षविराम (Ceasefire) के दौर से गुजर रहा है. लेकिन यूनिसेफ की रिपोर्ट बताती है कि बच्चों के लिए स्थितियां अभी भी बदतर हैं. इस इलाके की सारी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं. बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन और मानसिक ट्रॉमा इस कदर बढ़ गया है कि वहां की पूरी एक पीढ़ी गहरे सदमे में है.

बच्चों के लिए शिक्षा दूर की कौड़ी

गाजा के बच्चों के सामने सिर्फ बमबारी का ही खतरा नहीं है, बल्कि 'कुपोषण' उनकी जान का सबसे बड़ा दुश्मन बना हुआ है. भोजन और उचित पोषण की कमी के कारण हजारों बच्चे जीवन भर रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के मुहाने पर खड़े हैं. इसके साथ ही बार-बार स्कूलों पर होने वाले हमलों ने वहां की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. जो स्कूल हमलों से बच गए हैं वह अब विस्थापित परिवारों के लिए शरणस्थली बन चुके हैं.

मानवीय जरूरतों का पैमाना इतना बड़ा है कि उसकी भरपाई करना फिलहाल नामुमकिन नजर आता है. हर गुजरते दिन के साथ बच्चों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ते जा रहे हैं और उनकी मानसिक सेहत में सुधार के लिए तत्काल हस्तक्षेप की दरकार है.

गाजावासियों ने जंग की क्या कीमत चुकाई?

युद्ध की कीमत कितनी भारी रही है, इसका अंदाजा हाल ही में सामने आए आंकड़ों से लगाया जा सकता है. 'लैंसेट ग्लोबल हेल्थ' जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के पहले 16 महीनों में ही गाजा में 75,000 से अधिक लोग मारे गए.

यह संख्या स्थानीय अधिकारियों द्वारा उस समय बताए गए आंकड़ों से करीब 25,000 ज्यादा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच मारे गए लोगों में 56% हिस्सा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का था.

मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर डेमोग्राफिक रिसर्च के एक अलग स्टडी के अनुसार, दिसंबर 2024 के अंत तक गाजा में मौतों का आंकड़ा 78,318 तक पहुंच गया था. स्टडी में पाया गया कि युद्ध के कारण गाजा में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) में भारी गिरावट आई है. साल 2023 में जीवन प्रत्याशा में 44% और 2024 में 47% की कमी दर्ज की गई.

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