- मल्लिकार्जुन खरगे ने मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रश्न किया
- भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग पचपन प्रतिशत मांग मिडिल ईस्ट देशों से आयात पर निर्भर करता है
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है
देश के उच्च सदन का आगाज आज काफी हंगामेदार रहा. ईरान-इजरायल युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट देशों में बढ़ते संकट पर आज राज्यसभा में भी चर्चा हुई. सदन के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऊर्जा सुरक्षा पर जैसे ही अपनी बात रखी. नेता सदन जेपी नड्डा भड़क गए. नड्डा ने तल्ख तेवरों के साथ अपनी सीट से उठे और खरगे पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप लोग आराजकता मत फैलाइए. नड्डा ने तो यहां तक कह दिया कि विपक्ष चर्चा करने के बजाय हुड़दंग करना चाहता है. इनकी रुचि हमेशा इन चीजों में ही रही है.
खरगे ने ऐसा क्या कह दिया?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए कहा कि ईरान-इजरायल के युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट देशों में ताजा हालात का असर अब हमारे देश भारत पर भी पड़ रहा है. वहां तेजी से बदल रही जियो पॉलिटिकल की स्थिति का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है. भारत अपने क्रूड ऑयल की 55 फीसदी मांग इन्हीं मिडिल ईस्ट देशों से होने वाले आयात से पूरी करता है. खरगे ने कहा कि इस युद्ध का असर हमारी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. खरगे ने कहा कि वहां की घटनाओं में कई भारतीयों के लापता होने और मारे जाने की खबर है. इस दौरान सत्ता पक्ष से विरोध देखने को मिला. खरगे की बात को बीच में काटते हुए और बाद में बोलने की इजाजत देने की बात कहकर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन ने एस जयशंकर को इजाजत दी. जयशंकर ने भी ऊर्जा संकट पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हम पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चति करेंगे. सीपी राधाकृष्णनन ने खरगे को दोबारा मौका दिया. खरगे ने कहा कि हमें सेक्शन 176 पर बात करने की जरूरत है पर उपराष्ट्रपति ने उसपर बाद में बात करने की बात कही.
खरगे सहित विपक्ष को नड्डा ने सुनाया
विदेश मंत्री एस जयशंकर के संबोधन के बाद सांसद जेपी नड्डा ने बोलते ही विपक्ष को निशाने पर ले लिया. एस जयशंकर के मिडिल ईस्ट देशों में स्थिति और इजरायल-ईरान युद्ध पर संक्षेप में बात कही. खरगे सहित पूरे विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने एस जयशंकर की ओर से ब्रीफिंग की बात जानते हुए भी अपनी ओर से डिटेल देनी शुरू कर दी. इसका सीधा मतलब है कि विपक्ष की इच्छा कभी भी चर्चा करने में नहीं रही है. मैं कहूंगा तो अच्छा नहीं लगेगा पर इनकी रुचि हुड़दंग मचाने में रहा है. नड्डा ने कहा कि विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है और ये व्यवहार गैगजिम्मेदाराना है.
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