विज्ञापन

20 जुलाई से शुरू हो सकता है संसद का मॉनसून सत्र, हंगामेदार रहने की संभावना

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है. सूत्रों ने इसके बारे में जानकारी दी है. इस बार के सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है.

20 जुलाई से शुरू हो सकता है संसद का मॉनसून सत्र, हंगामेदार रहने की संभावना
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है (फोटो- एक्स)
नई दिल्ली:

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है. सूत्रों ने बताया कि चार हफ्ते तक चलने वाले मॉनसून सत्र में सदन की 19 बैठकें हो सकती हैं. इस बार संसद सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. टीएमसी में टूट, शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों की बागवत, डीएमके और इंडिया ब्लॉक का अलग होना इस बार के सत्र में खास तौर पर ध्यान खीचेंगे. 


स्पीकर ओम बिरला सत्र शुरू होने से पहले टीएमसी के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर फैसला देंगे. इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों के शिवसेना शिंदे में विलय पर भी फैसला देंगे. डीएमके और टीएमसी के बागी सांसदों के लोकसभा में अलग बैठने पर भी फैसला आएगा. 

सरकार लाएगी कई अहम बिल 

इस सत्र के दौरान एनडीए सरकार कई अहम बिल पेश कर सकती है. दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंची एनडीए कई महत्वपूर्ण बिलों को सत्र में लाने पर दे रही है जोर. सरकार दो महत्वपूर्ण संविधान संशोधन बिल ला सकती है. महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 131 वां संविधान संशोधन बिल ला सकती है सरकार. अप्रैल में गिरे इस बिल में सरकार एक महत्वपूर्ण संशोधन कर सकती है जिसके तहत लोक सभा और विधानसभाओं की सीटें 50 प्रतिशत बढ़ाने का प्रावधान बिल में ही किया जा सकता है. 


पीएम, सीएम की कुर्सी छीनने वाला बिल भी आ सकता है 

सरकार 30 दिन से अधिक की जेल पर पीएम, सीएम, मंत्री की कुर्सी छीनने वाला 130 वां संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. माना जा रहा है कि जेपीसी इसमें कुछ महत्वपूर्ण संशोधनों का सुझाव दे सकती है जिनमें उन कानूनों का स्पष्ट उल्लेख करना हो सकता है जिनमें सजा होने पर कुर्सी छीनी जाए. साथ ही, कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए भी कुछ प्रावधान करने की सिफारिश जेपीसी कर सकती है. एक देश एक चुनाव के बिल को भी सरकार पारित कराने पर दे सकती है जोर. 

इनके अलावा सरकार एफसीआरए बिल, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, एंटी डोपिंग बिल ला सकती है. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के अध्यादेश के बदले विधेयक, कोड ऑन वेजेस सेंट्रल रूल्स, कॉर्पोरेट लॉ, सिक्यूरिटीज मार्केट कोड जैसे बिल भी लाए जा सकते हैं. विपक्ष देशभर में मॉनसून की कमी से सूखे और कुछ जगहों पर अधिक बारिश से बाढ़ के हालात पर चर्चा की मांग कर सकता है. 

विपक्ष सरकार को घेरेगी 

इसके अलावा विपक्ष नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई, बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों पर सरकार पर हमलावर रह सकता है. क्षेत्रीय दलों में टूट और उसके पीछे सरकार की भूमिका को लेकर भी विपक्ष सरकार पर खासा आक्रामक रह सकता है. मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान एसआईआर को लेकर भी विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकता है. उधर, पश्चिम बंगाल और असम की जीत के बाद बीजेपी के हौंसले बुलंद हैं और वह कमजोर विपक्ष पर निशाना साध सकती है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Parliament Monsoon Session, TMC Rebel MP, Shiv Sena ( UBT), Sansad Satra
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com