ऐतिहासिक लाल किले के ठीक सामने सालों से बेखौफ चल रहे पार्किंग माफिया के साम्राज्य पर आखिरकार पुलिस प्रशासन का बुलडोजर कार्रवाई चल ही गया है. दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों और NDTV द्वारा प्रमुखता से उठाई गई ग्राउंड रिपोर्ट का ऐसा जबरदस्त असर देखने को मिला कि पुलिस और यातायात विभाग तुरंत हरकत में आ गया. नॉर्थ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नए DCP के. रमेश के संज्ञान लेते ही शुरू हुए इस स्ट्रिक्ट एक्शन ने दशकों पुरानी अवैध पार्किंग की धांधली को जड़ से उखाड़ फेंका है. आज लाल किले के सामने की मुख्य सड़क पूरी तरह खाली और मैदान की तरह साफ नजर आ रही है.
(दिल्ली-एनसीआर में आप गाड़ी लेकर कहीं भी जाएं,…मार्केट, कॉमर्शियल बिल्डिंग, ऐतिहासिक स्थल, मंदिर, बड़े पार्क या फिर रेस्टोरेंट, वहां पहुंचते ही सबसे पहले जो व्यक्ति आपसे मुखातिब होता है वो है पार्किंग की पर्ची काटता कर्मचारी. कई जगहों पर ये कर्मचारी नगर निगम या विकास प्राधिकरणों द्वारा अधिकृत भी होते हैं लेकिन राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के जिलों की अधिकतर जगहों पर पार्किंग शुल्क के नाम पर पर्ची माफिया काम कर रहा है. ये वो लोग हैं जिन्हें ना तो किसी ने पार्किंग के लिए अधिकृत किया है और ना ही जिस जगह पर ये गाड़ियां पार्क करवाकर पैसे वसूलते हैं वहां पार्किंग का कोई शुल्क तय है. अगर आप इनसे सवाल-जवाब करें या पैसे देने से मना करें तो दबंगई दिखाने को भी ये तैयार रहते हैं. ndtv.in ऐसे ही पार्किंग माफिया के खिलाफ चला रहा है मुहिम. इस सीरीज की पहली किस्त में पढ़िए, दिल्ली के लालकिला के बाहर कैसे चल रहा है अवैध पार्किंग का खेल.)
पूरा विवाद क्या था?
लाल किले और चांदनी चौक जैसे देश के सबसे संवेदनशील और अति व्यस्त इलाकों में मुख्य सड़क पर अवैध पार्किंग का खेल लंबे समय से जारी था. कोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद जमीनी हकीकत बदलने का नाम नहीं ले रही थी. पार्किंग माफिया ने चालाकी दिखाते हुए केवल MCD की अधिकृत पार्किंग और शुल्क लिखे बोर्डों पर काला पेंट पोत दिया था, लेकिन वाहनों की अवैध पार्किंग और उनसे पैसे वसूलने का काम बदस्तूर जारी था.
परेड ग्राउंड में MCD की बहुमंजिला पार्किंग और चांदनी चौक के मॉल्स में पर्याप्त जगह होने के बावजूद मुख्य सड़क पर गाड़ियों की कई कतारें लगाई जा रही थीं. ई रिक्शा, रिक्शा और अवैध गाड़ियों के जमावड़े से पूरा क्षेत्र दिन रात ट्रैफिक जाम से जूझता रहता था.
सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन सिर्फ यातायात की समस्या नहीं थी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से एक टाइम बम की तरह थे. 10 नवंबर 2025 को लाल किले के सामने हुए दर्दनाक बम धमाके की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं. उस वक्त भी ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित खड़े वाहनों के कारण कई बेकसूर लोग इसकी चपेट में आ गए थे.
सुरक्षा पर उठ रहे थे सवाल
इस हादसे के बाद भी मुख्य सड़क पर लावारिस और अनियंत्रित वाहनों का खड़ा रहना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा था. स्थानीय भाजपा पार्षद सुमन गुप्ता ने भी यह स्पष्ट किया था कि यह पार्किंग पूरी तरह अवैध है और इसकी शिकायत RP सेल पार्किंग सेल व स्थानीय DCP को भेजी गई थी.
लाजपत राय मार्केट और चांदनी चौक के स्थानीय व्यापारी इस कार्रवाई से बेहद खुश हैं . किनारी बाजार से व्यापारी प्रदीप जैन ने कहा कि "यह एक सपने जैसे लग रहा है कि लाल किले के सामने पुलिस का पार्किंग माफिया के खिलाफ एक्शन सराहनीय है . चांदनी चौक के राजनैतिक नेता राहुल शर्मा और व्यापारी का कहना हैं " चांदनी चौक में बहुत दिनों से इसी पुलिस एक्शन की मांग चल रही थी . आज लाल किले की वास्तविक तस्वीर उभर कर आई है ."
NDTV की खबर का कैसे असर?
जब इस पूरे मामले और जमीनी हकीकत पर NDTV की खबर प्रसारित हुई तो प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया. उत्तर जिले के नए ट्रैफिक DCP के. रमेश ने खबर पर तुरंत संज्ञान लिया और बिना समय गंवाए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए.
पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि वर्षों से जमे पार्किंग माफिया के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर गया. सड़क से एक-एक अवैध वाहन को हटवा दिया गया और अवैध वसूली करने वाले तत्वों को खदेड़ दिया गया.
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट यातायात के उपायुक्त के. रमेश ने NDTV का बतलाया "उन्होंने अभी पदभार संभाला है . लाल किले के आस पास हुई आज की कार्रवाई से सब खाली करवा दिया गया है . यदि कोई गाड़ी पार्क करता है तो उसका चालान काटा जाएगा . हमारी क्रेंस लगातार गश्त कर रही हैं, कोई भी वाहन यदि गैर पार्किंग में खड़ा मिल रहा है तो उसे जब्त किया जा रहा है ."
पुलिस ने क्या बताया?
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी निहारिका ने एनडीटीवी से बात करने पर कहा कि यहां स्थानीय पुलिस की उपस्थिति बनी रहेगी और सीसीटीवी कैमरों से लाल किले के आस पास अवैध पार्किंग पर नजर रहेगी . यदि कोई पुलिस के आदेशों का उल्लंघन करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी . पब्लिक से भी अपील है वाहन पार्किंग में ही खड़ा करें . लाल किले के आस पास वाहनों को न खड़ा करें.

हाई कोर्ट के आदेश, मीडिया की सतर्कता और एक ईमानदार प्रशासनिक कार्रवाई के समन्वय ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो किसी भी अवैध व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है. दशकों से जाम और दहशत का पर्याय बनी लाल किले के सामने की सड़क आज पूरी तरह साफ और सुगम नजर आ रही है. व्यापारियों और आम जनता ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है. चांदनी चौक के व्यापारी रामनिवास बंसल ने कहा कि "पुलिस का यह एक्शन यदि लगातार जारी रहता है तो व्यापारी संगठन उनका सम्मान करेगा ."
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