दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव की तस्वीर साफ हो गई. यहां चार पदों के लिए हुए चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दबदबा दिखा. ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्यराज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज है. उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने कब्जा जमाया है. लेकिन, क्या आप जानते हैं डूसू के पदाधिकारियों के पास क्या-क्या पावर होती है और इन्हें क्या सुविधाएं मिलती हैं. अगर, नहीं तो यह जानकारी आपके काम की हो सकती है. आइए, विस्तार से जानते हैं.
कार्यालय, स्टॉफ और फंड की सुविधा
नॉर्थ कैंपस में डूसू यूनियन को अपने कार्यालय के लिए कमरा मिलता है, जहां बैठकर वे अपने कामकाज संचालित करते हैं. पदाधिकारी को कार्यालय और प्रशासनिक कार्यों में मदद के लिए क्लर्क या सपोर्ट स्टाफ की सुविधा भी मिलती है. साथ ही, यूनिवर्सिटी की तरफ से डूसू यूनियन को निर्धारित बजट और फंड दिया जाता है, जिससे वे छात्र कल्याण, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन करा सकते हैं.
डूसू के पदाधिकारियों को कितने वोट से मिली जीत?
- डूसू के अध्यक्ष बने एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, उन्होंने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों से हराया.
- सबसे बड़ी जीत उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की हुई. 20 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की.
- सचिव बनीं एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 6,781 वोटों से मात दी.
- संयुक्त सचिव बने एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 837 मतों से हराया.
DUSU क्यों कहलाता है राजनीति की नर्सरी? अरुण जेटली, रेखा गुप्ता समेत कौन-कौन से दिग्गज यहां से निकले
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं