- सरकार ने पेपर लीक बिल को लोकसभा में पास करा लिया है.
- सरकार ने हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का ऐलान किया है.
- अब विपक्ष के पास इस मुद्दे पर बोलने के लिए कुछ दिख नहीं रहा है.
जंतर मंतर पर बीते हफ्ते प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा था. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर राजनीति की. आलम ये था कि विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के सामने जाकर धरना प्रदर्शन करने लगे और फिर राहुल-अखिलेश समेत कई नेता पुलिस हिरासत में लिए गए.
इस्तीफा भी हो गया और पेपर लीक बिल भी पास
दरअसल, विपक्ष पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ गया था. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा के बाद केंद्र सरकार ने संसद में सख्त एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल पेश किया. सरकार ने संसद में 'सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक' पेश किया और ये बिल पास भी हो गया. अब राज्यसभा में बिल पास होगा और फिर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये विधेयक कानून बन जाएगा.
इस नए कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का ऐलान किया है.
लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, लंबी बहस और हंगामे के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी

प्रधानमंत्री आवास के पास धरना प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था.
Photo Credit: IANS
क्या विपक्ष के लिए ये मुद्दा खत्म हो गया?
विपक्ष जिस पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में था, अब वो मुद्दा ही खत्म हो गया है. छात्रों की मांगों को सरकार ने मान लिया है. अब विपक्ष के पास इस मुद्दे पर बोलने के लिए कोई विषय नहीं है.
केंद्र सरकार की ओर से पहले ही नेता प्रतिपक्ष पर गोल पोस्ट शिफ्ट करने का आरोप लग चुका है. इसलिए अब विपक्ष अब इस मुद्दे पर कोई नई मांग नहीं रख सकता है. आज लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा.
VIDEO | Parliament Monsoon Session 2026: Speaking in the Lok Sabha, Union Minister of State Jitendra Singh says, "Around 40 to 45 members spoke during the debate. I listened carefully to all of them and took note of their suggestions. However, a few points made by the Opposition… pic.twitter.com/wgbataE4RR
— Press Trust of India (@PTI_News) July 29, 2026
उन्होंने कहा, "शुरू में तो ये उस आंदोलन से जुड़ने से परहेज कर रहे थे लेकिन जब इन्हें लगा कि आंदोलन उठने लगा तो जेन-जी के जबान में इनका MIA हो गया यानी मिसिंग इन एक्शन. और दूसरा जैसा कल बताया कि फोमो- फियर ऑफ मिसिंग फ्रॉम एक्शन, इसलिए ये जाकर बैठे. जब इन्हें उठाया गया तो गालिब का शेर याद आता है- बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले. बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले. यानी जो दबे हुए अरमान है, प्रधानमंत्री आवास में जाकर बसने की वो न मालूम किस किस प्रकार एक सप्ताह में जाहिर हुए."
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