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ओडिशा: नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न मामले में प्राइवेट स्कूल के पांच स्टाफ गिरफ्तार

पीड़िता की मां ने राजकनिका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि चार शिक्षकों और एक चपरासी ने बच्ची के साथ दबाव, धमकी और लालच के जरिए गलत व्यवहार किया.

ओडिशा: नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न मामले में प्राइवेट स्कूल के पांच स्टाफ गिरफ्तार

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित तौर पर लंबे समय तक यौन उत्पीड़न किए जाने के आरोप में स्कूल के पांच स्टाफ को गिरफ्तार किया गया है. 21 फरवरी 2026 को दर्ज हुए इस केस ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

मां की शिकायत के बाद खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की मां ने राजकनिका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि चार शिक्षकों और एक चपरासी ने बच्ची के साथ दबाव, धमकी और लालच के जरिए गलत व्यवहार किया. बताया गया कि बच्ची ने 14 जनवरी को घर पहुंचकर रोते हुए इस घटना का जिक्र किया था, जिसके बाद परिवार ने अधिकारियों से संपर्क किया.

स्कूल में रेड, कुछ ही घंटों में गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद स्टेशन ऑफिसर संजय मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल में छापेमारी की और कुछ ही घंटों के भीतर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार लोगों में चंदन कुमार प्रुस्ती (37), बिस्वा रंजन साहू (31), रश्मि कांता बिस्वाल (47), मिनती बाई (34) और चपरासी रश्मि रंजन राणा (32) शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है.

POCSO एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट, 2012 के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपों में यौन उत्पीड़न, गैंग रेप, आपराधिक धमकी और बच्चों के शोषण से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं. मामले की जांच ‘स्विफ्ट ट्रायल इनिशिएटिव' के तहत की जा रही है ताकि जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित हो सके.

फोरेंसिक जांच और काउंसलिंग पर जोर

सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को स्कूल भेजा गया है. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और उसका बयान एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बच्चों के अनुकूल माहौल में दर्ज किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है.

इलाके में आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना के बाद इलाके में भारी गुस्सा देखा गया और पुलिस स्टेशन के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूलों में सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है. मामले की निगरानी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस और एसपी केंद्रपाड़ा खुद कर रहे हैं.

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