ओडिशा के बौध जिले में बाढ़ के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने हर किसी की सांसें थाम दीं. सलुंकी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से दो महिलाएं नदी के बीच फंस गईं और करीब चार घंटे तक मदद का इंतजार करती रहीं. चारों ओर तेज बहाव और बढ़ते पानी के बीच उनकी जान पर बन आई थी. हालांकि फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीम ने जान पर खेलकर दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
जलाऊ लकड़ी लेने गई थीं महिलाएं
यह घटना बौध जिले की बाघियापाड़ा पंचायत के लक्ष्मीपदार गांव के पास की है. जानकारी के अनुसार दोनों महिलाएं नदी के बीच बने रेतीले हिस्से में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं. उस समय नदी का जलस्तर सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर बाद हालात अचानक बदल गए.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
महिलाएं लकड़ियां बटोर रही थीं, तभी सलुंकी नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा. देखते ही देखते नदी का बहाव तेज हो गया और दोनों महिलाओं के लौटने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया. कुछ ही मिनटों में वे नदी के बीच बने छोटे से हिस्से में फंस गईं.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंच गए. ग्रामीणों ने अपने स्तर पर महिलाओं तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन नदी का तेज बहाव उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गया. जोखिम को देखते हुए किसी को भी नदी में उतारना संभव नहीं था.
फायर सर्विस को दी सूचना
स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत फायर एंड इमरजेंसी सर्विस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही बौध फायर स्टेशन की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती नदी का तेज बहाव और लगातार बढ़ता जलस्तर था. इसके बावजूद टीम ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए अभियान जारी रखा. करीब चार घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों महिलाओं तक पहुंचने में सफलता मिली.
सुरक्षित बाहर निकाली गईं महिलाएं
लंबे प्रयास के बाद बचाव दल दोनों महिलाओं को सुरक्षित नदी से बाहर निकालने में कामयाब रहा. राहत की बात यह रही कि किसी भी महिला को गंभीर चोट नहीं आई. समय रहते रेस्क्यू होने से एक बड़ा हादसा टल गया.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीम की जमकर सराहना की. लोगों का कहना है कि यदि बचाव दल समय पर नहीं पहुंचता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी. इस सफल अभियान ने एक बार फिर आपदा के समय बचाव टीमों की अहम भूमिका को सामने ला दिया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं