- तमिलनाडु के सीएम विजय ने सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को एक ग्राम की अंगूठी भेंट करने की योजना बनाई है
- इस योजना का नाम थाइमामन थांगा मोतीराम रखा गया है, जिसका मतलब मामा की ओर से मिली अंगूठी है
- योजना का लाभ उन्हीं बच्चों को मिलेगा जिनका जन्म 22 जून के बाद तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में हुआ होगा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनके सीएम कार्यकाल के दौरान राज्य में 'मामा' कहा जाने लगा था. अब इसी नक्शेकदम पर तमिलनाडु के नए सीएम थलपति विजय भी बढ़ते दिख रहे हैं. उन्होंने तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले सभी बच्चों को अंगूठी भेंट करने की योजना बनाई है. इसके तहत हर बच्चे को एक ग्राम अंगूठी सरकार की ओर से भेंट की जाएगी. इस योजना की शुरुआत सीएम विजय 28 सितंबर को करेंगे. इसके लिए 22 जून से पैदा होने वाले बच्चे पात्र होंगे. टीवीके के नेता विजय ने इस स्कीम के साथ ही एक शर्त भी जोड़ दी है.
उन नवजात बच्चों को ही यह अंगूठी भेंट की जाएगी, जिनका जन्म सरकारी अस्पताल में होगा. चुनाव के दौरान भी विजय ने ऐसा वादा किया था. अब इस स्कीम को आधिकारिक तौर पर 28 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा. इस स्कीम के तहत 22 जून के बाद जो भी बच्चे सरकारी स्कूल में पैदा हुए होंगे या होंगे, उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा. इस स्कीम का नाम रखा गया है- 'थाइमामन थांगा मोतीराम'. हिंदी में इसका अर्थ हुआ मामा की ओर से मिली अंगूठी. इस तरह अब विजय भी तमिलनाडु में अपनी मामा वाली छवि बनाने की कोशिश में हैं.
सरकार का कहना है कि यह स्कीम इसलिए लाई जाएगी ताकि लोगों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति भरोसा बढ़े. इसके अलावा हर कोई बच्चों के जन्म के लिए महिलाओं को अस्पतालों में एडमिट कराने के लिए प्रोत्साहित हो. दरअसल तमिलनाडु की परंपरा भी है कि किसी बच्चे के जन्म पर उसे मामा अथवा ननिहाल की ओर से उपहार मिलता है. अब उसी परंपरा को आधार बनाकर विजय भी लाखों बच्चों का मामा बनने की जुगत में हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु में हर साल 7.8 लाख बच्चे पैदा होते हैं. इनमें से 99.9 फीसदी बच्चे अस्पतालों में ही पैदा होते हैं. इनमें से 4.2 लाख यानी करीब 53 फीसदी बच्चों का जन्म सरकारी अस्पतालों में होता है. सरकार का कहना है कि हम सरकारी अस्पतालों में डिलिवरी को बढ़ावा देना चाहते हैं.
अब स्कीम की पात्रता की बात करें तो उन्हीं लोगों को इसका लाभ मिलेगा, जो तमिलनाडु के रहने वाले होंगे. इसके अलावा बच्चों के नाम पर दी जाने वाली सारी अंगूठियों में एक यूनिक नंबर भी दर्ज होगा. जिसे किसी भी हाल में हटाया नहीं जा सकेगा. सरकार का कहना है कि इस स्कीम के पहले चरण को लागू करने के लिए 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी जा चुकी हैं. बता दें कि इस स्कीम का ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है, जब 6 अक्तूबर को एक उपचुनाव भी होना है. फिलहाल राज्य में 7 सीटें खाली हैं और दो पर उपचुनाव हो रहे हैं. ऐसे में बहुमत के एकदम किनारे पर बैठी इस सरकार के लिए उपचुनाव अहम है.
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